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जल्द ही तेजपात के साथ तेल भी बिकेगा
चंद्रशेखर जोशी /अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:20 PM IST
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पंतनगर के केंद्रीय औषधीय सुगंध पादप केंद्र में स्थापित तेजपात की मशीन
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में तेजपात की खेती करने वालों के लिए खुशखबरी है। जिला मुख्यालय से करीब 51 किमी दूर सूखीढांग गांव में तेजपात से तेल निकालने की मशीन फरवरी तक लग जाएगी। मशीन के लगने से काश्तकार पत्तों को तो बेच ही सकेंगे साथ ही तेल निकालकर भी मुनाफा कमाएंगे। जिले में पिछले वर्ष हुई जड़ीबूटियों की कुल 2664 क्विंटल की निकासी में से 1354 क्विंटल निकासी अकेले तेजपात की ही थी।
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तेजपात की बहुतायत खेती को देखते हुए डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने तेजपात के मूल्य संवर्द्धन के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जड़ीबूटी भेषज संघ ने तेजपात का तेल निकालने के लिए मशीन लगाने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए अब जिला योजना से 2.50 लाख रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं। जड़ीबूटी भेषज संघ के जिला समन्वयक राकेश वर्मा बताते हैं कि मशीन लगाने के लिए सूखीढांग को चुना गया है। अन्य स्थानों से भी काश्तकारों द्वारा मांग किए जाने पर आगामी जिला योजना में तेजपात मशीन का प्रावधान किया जाएगा।
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एक लीटर तेल की कीमत 2300 से 2500 रुपये तक
एक क्विंटल तेजपाल से करीब एक लीटर तेल निकल सकेगा। इस तेल की कीमत 2300 रुपये से 2500 रुपये लीटर होगी। मशीन से तेल निकालने के साथ ही तेजपात की पत्तियों का भी उपयोग किया जा सकेगा। बिल्कुल उसी तरीके से जैसे लौंग और बादाम से तेल निकालने के बाद भी उनका इस्तेमाल किया जाता है। तेजपात की कीमत करीब 60 रुपये किलोग्राम है। इसके अलावा इस मशीन में गुलाब और जेरेनियम को छोड़कर शेष औषधीय सगंध पादप का तेल भी निकाला जा सकेगा।
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जिले में इन इलाकों में होता है तेजपात
सूखीढांग, सिन्याड़ी, धुरा, श्यामलाताल, जौल, नौलापानी, अमोड़ी, स्वांला, धौन, दियूरी, स्याली, सिप्टी, रौसाल, फुंगर, बाराकोट, पाटी आदि गांवों में भरपूर मात्रा में तेजपात की खेती होती है।
औषधीय पादप केंद्र पंतनगर से मशीन की जानकारी ली
तेजपात से तेल निकालने के लिए मशीन की विभागीय कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को जड़ीबूटी भेषज इकाई के समन्वयक राकेश वर्मा ने केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पादप केंद्र (कैप) पंतनगर में जाकर मशीन के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरसी पडलिया से मशीन की खूबियों की जानकारी ली। स्थानीय जरूरत के मद्देनजर पांच क्विंटल क्षमता की मशीन को उपयुक्त पाया गया।
तेजपात में औषधीय गुणों की भी प्रचुरता
तेजपात का सबसे अधिक उपयोग मसालों में किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग इतना भर नहीं है। इसके ढेरों औषधीय गुण भी है। आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद शाहिद का कहना है कि तेजपात के चूर्ण की चाय सर्दी-जुकाम का कारगर उपाय है। तेजपात को पीसकर आंख में लगाने से आंख के धुंधलेपन से निजात मिलती है। तेजपात के पत्तों के पाउडर के उपयोग से दांतों में चमक आती है। इसके अलावा तेजपात का उपयोग दमा और सांस रोग में भी कारगर है।