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दूर हुई बाधा : क्रिटिकल केयर ब्लॉक संवारेगा पहाड़ की सेहत
Sat, 14 Oct 2023 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 14 Oct 2023 11:58 PM IST
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चंपावत। चंपावत का सीसीबी (क्रिटिकल केयर ब्लॉक) पहाड़ के लोगों की बीमारियों का इलाज करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ में 12 अक्तूबर को 4200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से चंपावत के इस स्वास्थ्य ब्लॉक का शिलान्यास भी किया था। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार वाले इस ब्लॉक की राह में आने वाली अड़चनें दूर कर ली गई हैं। ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) नवंबर से इसका काम शुरू करेगा।
50 शैयाओं वाले क्रिटिकल विंग का निर्माण 20.22 करोड़ रुपये से निष्प्रयोज्य रोजिन फैक्टरी परिसर में कराया जाएगा। ब्लॉक को जिला अस्पताल से जोड़ने के लिए 105 मीटर की सड़क बनाई जाएगी ताकि सड़क से एंबुलेंस सीधे सीसीबी तक पहुंच सकेगी।
बेहतर इलाज देकर मृत्यु दर कम करने के मकसद से भारत सरकार ने 2022 में उत्तराखंड में पिछले साल सीसीबी को मंजूरी दी थी। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्याम नारायण पांडे ने सीवीसी निर्माण शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पीएम का आभार जताया है।
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क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए इस माह निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नवंबर से निर्माण शुरू करा डेढ़ साल में पूरा करा लिया जाएगा। - सुरेश भट्ट,कनिष्ठ अभियंता, ब्रिडकुल, चंपावत।
गंभीर रोगों का होगा इलाज
चंपावत। सीसीबी में गंभीर रोगों का इलाज हो सकेगा। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि कोरोनरी धमनी रोग, फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रॉक, अतिसार और नवजात मरीजों का इलाज यहां होगा। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर, नर्स के अलावा सहयोगी स्टाफ तैनात किया जाएगा। चंपावत जिले की शिशु जन्म दर और मृत्यु दर प्रदेश की दर से कम है। उत्तराखंड की शिशु जन्म दर 17.10 प्रति एक हजार और मृत्यु दर छह प्रति हजार है। जबकि चंपावत जिले की शिशु जन्म दर 16.90 और मृत्यु दर 5.50 प्रति हजार है।
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50 शैयाओं वाले क्रिटिकल विंग का निर्माण 20.22 करोड़ रुपये से निष्प्रयोज्य रोजिन फैक्टरी परिसर में कराया जाएगा। ब्लॉक को जिला अस्पताल से जोड़ने के लिए 105 मीटर की सड़क बनाई जाएगी ताकि सड़क से एंबुलेंस सीधे सीसीबी तक पहुंच सकेगी।
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बेहतर इलाज देकर मृत्यु दर कम करने के मकसद से भारत सरकार ने 2022 में उत्तराखंड में पिछले साल सीसीबी को मंजूरी दी थी। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्याम नारायण पांडे ने सीवीसी निर्माण शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पीएम का आभार जताया है।
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क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए इस माह निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नवंबर से निर्माण शुरू करा डेढ़ साल में पूरा करा लिया जाएगा। - सुरेश भट्ट,कनिष्ठ अभियंता, ब्रिडकुल, चंपावत।
गंभीर रोगों का होगा इलाज
चंपावत। सीसीबी में गंभीर रोगों का इलाज हो सकेगा। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि कोरोनरी धमनी रोग, फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रॉक, अतिसार और नवजात मरीजों का इलाज यहां होगा। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर, नर्स के अलावा सहयोगी स्टाफ तैनात किया जाएगा। चंपावत जिले की शिशु जन्म दर और मृत्यु दर प्रदेश की दर से कम है। उत्तराखंड की शिशु जन्म दर 17.10 प्रति एक हजार और मृत्यु दर छह प्रति हजार है। जबकि चंपावत जिले की शिशु जन्म दर 16.90 और मृत्यु दर 5.50 प्रति हजार है।