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अब खामोशी के आगोश में है एबट माउंट चर्च
Mon, 24 Dec 2018 11:21 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो् /अमर उजाला,लोहाघाट (चंपावत)।
ब्यूरो् /अमर उजाला,लोहाघाट (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 24 Dec 2018 11:21 PM IST
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पावत में फुलवाड़ी स्थित चर्च।
- फोटो : अमर उजाला
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एबट माउंट चर्च में कभी क्रिसमस खास तरीके से मनाया जाता था। पिछले पांच साल की तरह इस बार भी यहां क्रिसमस पर सन्नाटा पसरा रहेगा।
हैराल्ड एबट ने 1910 में यहां भूमि लीज पर लेने के बाद अन्य अंग्रेजों को बसाने का काम किया था। तब यहां अंग्रेजों की खूब आवाजाही होती थी। मैथोडिस्ट चर्च के पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि एबट ने 1930 में अपनी पत्नी की याद में चर्च का निर्माण किया था।
उस वक्त इसमें अंग्रेजों के सिवाय दूसरे लोग प्रार्थना नहीं कर सकते थे। यहां उस वक्त रोज प्रार्थना हुआ करती थी। बाद में यह एंग्लो इंडियन लोगों के लिए भी खोल दिया गया।
फुलवाड़ी के मैथोडिस्ट चर्च में आज क्रिसमस
चंपावत। फुलवाड़ी के मैथोडिस्ट चर्च में क्रिसमस डे पर प्रार्थना सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
1931 में अंग्रेज महिला मिस एनी न्यूटन बटन की ओर से बनाई गई नक्काशी के अलावा यह चर्च शानदार वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। ईसाईयों की आस्था का केंद्र बने इस चर्च में लकड़ी की शानदार नक्काशी की गई है।
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मैथोडिस्ट ईसाई टीचिंग, हीलिंग और प्रीचिंग (शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रार्थना) को विशेष तवज्जों देते हैं। फुलवाड़ी, छीड़ापानी और लोहाघाट के ईसाईयों के कुल मिलाकर 23 परिवार हैं। करीब 151 की आबादी वाला यह समाज क्रिसमस की तैयारियों में जुटा है। पास्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि क्रिसमस से पूर्व देर रात तक धूमधाम से प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाने के साथ विशेष प्रार्थना होगी । 25 दिसंबर को ईसाईयों के साथ ही अन्य धर्मों के लोग भी चर्च पहुंचते हैं।
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हैराल्ड एबट ने 1910 में यहां भूमि लीज पर लेने के बाद अन्य अंग्रेजों को बसाने का काम किया था। तब यहां अंग्रेजों की खूब आवाजाही होती थी। मैथोडिस्ट चर्च के पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि एबट ने 1930 में अपनी पत्नी की याद में चर्च का निर्माण किया था।
उस वक्त इसमें अंग्रेजों के सिवाय दूसरे लोग प्रार्थना नहीं कर सकते थे। यहां उस वक्त रोज प्रार्थना हुआ करती थी। बाद में यह एंग्लो इंडियन लोगों के लिए भी खोल दिया गया।
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फुलवाड़ी के मैथोडिस्ट चर्च में आज क्रिसमस
चंपावत। फुलवाड़ी के मैथोडिस्ट चर्च में क्रिसमस डे पर प्रार्थना सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
1931 में अंग्रेज महिला मिस एनी न्यूटन बटन की ओर से बनाई गई नक्काशी के अलावा यह चर्च शानदार वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। ईसाईयों की आस्था का केंद्र बने इस चर्च में लकड़ी की शानदार नक्काशी की गई है।
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मैथोडिस्ट ईसाई टीचिंग, हीलिंग और प्रीचिंग (शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रार्थना) को विशेष तवज्जों देते हैं। फुलवाड़ी, छीड़ापानी और लोहाघाट के ईसाईयों के कुल मिलाकर 23 परिवार हैं। करीब 151 की आबादी वाला यह समाज क्रिसमस की तैयारियों में जुटा है। पास्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि क्रिसमस से पूर्व देर रात तक धूमधाम से प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाने के साथ विशेष प्रार्थना होगी । 25 दिसंबर को ईसाईयों के साथ ही अन्य धर्मों के लोग भी चर्च पहुंचते हैं।