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पूर्णागिरि धाम तक पहुंची जंगल की आग को किया काबू

Sun, 12 May 2019 11:01 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर (चंपावत)/ पाटी।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर (चंपावत)/ पाटी। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sun, 12 May 2019 11:01 PM IST
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now Fire is is under control
मां पूर्णागिरि धाम तक फैली जंगल की आग काबू करने में अहम भूमिका निभाने वाली टीम। - फोटो : अमर उजाला

मां पूर्णागिरि धाम तक पहुंची जंगल की आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है।े आग से मेला क्षेत्र पर मंडरा रहे खतरे से राहत मिली है। आग बुझाने को मेले में तैनात फोर्स एसडीआरएफ, अग्निशमन, वन विभाग, पुलिस, एलआईयू, मंदिर समिति, पर्यावरण मित्र और दुकानदारों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। करीब पचास से अधिक लोग शनिवार की शाम से रविवार तड़के तीन बजे तक आग बुझाने में जुटे रहे। वहीं मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती और तहसीलदार खुशबू पांडेय भी रात आठ बजे तक बेकाबू आग पर नजर बनाए हुए थे। 

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भीषण गर्मी के कारण चारो और जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। बचाव के पर्याप्त संसाधन न होने से करोड़ों की वन संपदा आंखों के सामने राख हो रही है। वन्यजीवों का भी खासा नुकसान हो रहा है। चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में मां पूर्णागिरि धाम से लगी पहाड़ी के जंगल की आग शनिवार की दोपहर धाम क्षेत्र में पहुंचने से खासा हड़कंप मचा रहा।
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काली मंदिर क्षेत्र में आग की लपटें पुलिस के मेस और वहीं झूूठे का मंदिर क्षेत्र की दुकानों के करीब पहुंच गई थी। आग के धाम क्षेत्र की ओर फैलने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। मेला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर मेला क्षेत्र में तैनात पूरा फोर्स आग बुझाने में लगा दिया गया।
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मेला मजिस्ट्रेट और तहसीलदार भी पूर्णागिरि धाम पहुंचे और रात आठ बजे तक हालात की निगरानी करते रहे। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि फिलहाल धाम के करीब पहुंची आग पर काबू पा लिया गया है।  उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, अग्निशमन, वन विभाग को आग स्थिति पर नियमित रूप से निगरानी रहने के निर्देश दिए हैं।

इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका 
पूर्णागिरि धाम की और तेजी से फैल रही आग को काबू करने में एसडीआरएफ, वन विभाग और अग्निशमन और पुलिस के जवानों के अलावा काली मंदिर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, भैरव मंदिर थानाध्यक्ष तेज कुमार, मंदिर समिति के पदाधिकारी, दुकान, पर्यावरण मित्र और एलआईयू की टीम ने अहम भूमिका निभाई। अग्निशमन अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि मेला ड्यूटी में तैनात विभाग के टनकपुर और बनबसा में तैनात सभी कर्मचारियों को आग काबू करने के लिए शनिवार शाम पूर्णागिरि भेजा गया था। 

बैराज मार्ग पर पार्किंग स्थल के पास कूड़े के ढेर में आग से मचा हड़कंप 
टनकपुर। रविवार की दोपहर बैराज मार्ग पर मस्जिद के नीचे वाहन पार्किंग स्थल के पास कूड़े के ढेर में लगी आग से हड़कंप मचा। सुरक्षा के मद्देनजर आनन-फानन में पार्किंग स्थल पर खड़े वाहनों को हटाया गया। अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही आसपास के दुकानदारों और वहां मौजूद ई-रिक्शा चालकों ने आग बुझा दी। 
बता दें कि इससे पहले भी बैराज मार्ग पर कूड़े के ढेर में आग लगने की घटना कई बार हो चुकी है। अग्निशमन विभाग का आरोप था कि कबाड़ बीनने वालों द्वारा कबाड़ बीनने के लिए कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। इसके लिए विभाग ने एसडीएम दयानंद सरस्वती और सीओ नरेश चंद को लिखित रिपोर्ट भी सौंपी गई थी।

ग्रामीणों के सहयोग से बुझी तड़ाग के जंगल की आग

चंपावत/लोहाघाट/पाटी। चंपावत जिले के कई हिस्सों में अब भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। सिप्टी क्षेत्र से लेकर तल्लादेश में कई जगहों पर आग धधक रही है।

वन दरोगा चतुर सिंह, वन रक्षक जगत सिंह, घनश्याम जोशी, दिनेश भट्ट, अमर सिंह आदि ने स्थानीय लोगों के सहयोग से घंटों की मशक्कत के बाद तल्लादेश क्षेत्र के कन्यूड़ा में आग बुझाई। जगह-जगह आग लगने से क्षेत्र के बढ़ते तापमान और धुंध से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। वहीं तड़ाग के जंगल की आग को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से बुझाने में सफलता हासिल की।

बाराकोट, पाटी और लोहाघाट के जंगलों में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। लोहाघाट के समीप भुमलाई के जंगल शनिवार रात से धधक रहे हैं। वहीं बर्दाखान में सड़क के ऊपर से चीड़ के जंगल धूं-धूं कर जल रहे हैं। जंगली आग के कारण सड़क मार्ग से वाहनों का गुजरना मुश्किल बना हुआ है। धुंध और धुएं से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।


तड़ाग के जंगल में लगी आग आबादी की ओर बढ़ता देख सरपंच उमेश सिंह, पूर्व प्रधान होशियार सिंह बोहरा, देव सिंह बोहरा, कमल सिंह, पंकज सिंह, शांति देवी आदि ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को आबादी में पहुंचने से पहले ही बुझा दिया। अब तक जिले में 21 घटनाओं में करीब 17 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंच चुका है।

 

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