फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Not safe to visit her mother in rainy Mr. Purnagiri

बरसात में सुरक्षित नहीं मां श्री पूर्णागिरि की यात्रा

Mon, 29 Jun 2015 10:47 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत Updated Mon, 29 Jun 2015 10:47 PM IST
विज्ञापन

बरसात के मौसम में मां श्री पूर्णागिरि धाम की यात्रा सुरक्षित नहीं है। दरकती पहाड़ियों और जगह-जगह क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग से जान की सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। पूर्व में हो चुके हादसों के बाद भी प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कतई संजिदा नहीं है। बरसात के मौसम में कब और कहां आपदा आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है और फिर पर्वतीय क्षेत्र में तो आपदा का खतरा हमेशा बना रहता है।

विज्ञापन


पहाड़ी में स्थित होने से बरसात में मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा में भी खतरा है। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक कुमाऊं की ज्यादातर पहाड़ी कमजोर हैं और पूर्णागिरि की पहाड़ियां भी कच्ची हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा अधिक बना रहता है। पूर्णागिरि की पहाड़ियां बरसात में हर साल दरकती हैं। वर्ष 2009 और 2010 में जबरदस्त भूस्खलन हो चुका है। 2009 में काली मंदिर की पहाड़ी में भूस्खलन से न सिर्फ प्राचीन काली मंदिर और आसपास की दुकानें ध्वस्त हुई थीं, बल्कि दुकान में सोये एक युवक का भी पता नहीं चला। वहीं 2010 में मुख्य मंदिर में हुए भूस्खलन में सिद्धनाथ और चौरासी मंदिर भूस्खलन की भेंट चढ़ चुके हैं। जोखिम भरा सफर बाटनागाड़ से ही शुरू हो जाता है। भैरव मंदिर से आगे तीन किलोमीटर का सफर पैदल तय करना होता है और मानसून काल में इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा सफर बना रहता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed