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मार्च में खुला अस्पताल पर एक भी मरीज का इलाज नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 28 Sep 2016 10:43 PM IST
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मार्च में खुला अस्पताल पर एक भी मरीज का इलाज नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय से 51 किलोमीटर दूर नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के तामली में इस साल मार्च में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) खुला, लेकिन इस केंद्र में अब तक एक भी मरीज की नब्ज नहीं टटोली गई। संविदा डॉक्टर की तैनाती भी की गई पर डॉक्टर यहां कभी पहुंचा नहीं। कागजी बने इस अस्पताल में 20 अगस्त को हुए औचक मुआयने में भी डॉक्टर नदारद मिला।
जिले में चौड़ामेहता, मंच, पुलहिंडोला एवं बनबसा में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से थे। 23 जून 2015 को भिंगराड़ा और तामली में एपीएचसी का शासनादेश हुआ। इस साल ये दोनों अस्पताल शुरू हुए। भिंगराड़ा में अस्पताल ठीकठाक हाल में है पर सीमांत के तामली अस्पताल के हाल खराब हैं। इसे स्वास्थ्य विभाग के कागजों में तो दिखा दिया गया, मगर यह अस्पताल कभी चला नहीं।
तामली में इस साल 4 मार्च में एक संविदा डॉक्टर डा.चंद्रेश गंगवार को भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक वे यहां कभी पहुंचे नहीं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संविदा डॉक्टर की तीन महीने मां पूर्णागिरि धाम मेले में ड्यूटी लगी और वहां से आने के बाद कैलास मानसरोवर यात्रा ड्यूटी पर भेजा गया। इसके बाद से वे यहां से छुट्टी पर है।
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अस्पताल खुलने के बाद कभी भी यहां इलाज नहीं हो सका। अलबत्ता स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एएनएम केंद्र में तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संतोष कुमार के जरिए मरीजों को दवा वितरण कराया गया। 16 जुलाई से यह संविदा डॉक्टर अवकाश पर हैं। 20 अगस्त को डीएम डा.अहमद इकबाल के निर्देश पर मारे गए छापों में तामली अस्पताल में ताला लटक मिला था।
शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यहां डॉक्टर, फार्मेसिस्ट के अलावा वार्डब्वाय और स्वच्छक का पद आउटसोर्स से भरा जाना है। इसी तरह यहां अस्पताल भवन का निर्माण नहीं होना है। अस्पताल किराए में या एएनएम केंद्र में चलना है, लेकिन इस एएनएम केंद्र के हाल भी ठीक नहीं हैं। करीब पांच साल पूर्व एएनएम केंद्र की आपदा में टूटी दीवार की भी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
छह हजार ग्रामीणों को लाभ मिलता
तामली में अगर यह अस्पताल ठीक से काम करता तो तल्लादेश क्षेत्र के 9 ग्राम पंचायतों की छह हजार से अधिक आबादी को लाभ होता। इसी माह चामी क्षेत्र की एक महिला की वक्त पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। तल्लादेश क्षेत्र के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विपिन जोशी, युवक मंगल दल अध्यक्ष देवेंद्र जोशी, विमल जोशी, लक्ष्मी दत्त जोशी आदि का कहना है कि तामली में एक भी दिन अस्पताल नहीं खुला। इन ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवाज उठाने पर भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तामली एपीएचसी को संचालित करने के लिए एक संविदा डॉक्टर भेजे गए थे, लेकिन उन्हें मां पूर्णागिरि और कैलास मानसरोवर यात्रा पर भेजे जाने से तामली नहीं पहुंच सके। 16 जुलाई से वे अनुपस्थित है। अलबत्ता हालत को सुधारने के लिए अब एक फार्मेसिस्ट को भेजा जा रहा है। -डा.डीएल साह, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
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जिले में चौड़ामेहता, मंच, पुलहिंडोला एवं बनबसा में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से थे। 23 जून 2015 को भिंगराड़ा और तामली में एपीएचसी का शासनादेश हुआ। इस साल ये दोनों अस्पताल शुरू हुए। भिंगराड़ा में अस्पताल ठीकठाक हाल में है पर सीमांत के तामली अस्पताल के हाल खराब हैं। इसे स्वास्थ्य विभाग के कागजों में तो दिखा दिया गया, मगर यह अस्पताल कभी चला नहीं।
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तामली में इस साल 4 मार्च में एक संविदा डॉक्टर डा.चंद्रेश गंगवार को भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक वे यहां कभी पहुंचे नहीं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संविदा डॉक्टर की तीन महीने मां पूर्णागिरि धाम मेले में ड्यूटी लगी और वहां से आने के बाद कैलास मानसरोवर यात्रा ड्यूटी पर भेजा गया। इसके बाद से वे यहां से छुट्टी पर है।
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अस्पताल खुलने के बाद कभी भी यहां इलाज नहीं हो सका। अलबत्ता स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एएनएम केंद्र में तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संतोष कुमार के जरिए मरीजों को दवा वितरण कराया गया। 16 जुलाई से यह संविदा डॉक्टर अवकाश पर हैं। 20 अगस्त को डीएम डा.अहमद इकबाल के निर्देश पर मारे गए छापों में तामली अस्पताल में ताला लटक मिला था।
शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यहां डॉक्टर, फार्मेसिस्ट के अलावा वार्डब्वाय और स्वच्छक का पद आउटसोर्स से भरा जाना है। इसी तरह यहां अस्पताल भवन का निर्माण नहीं होना है। अस्पताल किराए में या एएनएम केंद्र में चलना है, लेकिन इस एएनएम केंद्र के हाल भी ठीक नहीं हैं। करीब पांच साल पूर्व एएनएम केंद्र की आपदा में टूटी दीवार की भी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
छह हजार ग्रामीणों को लाभ मिलता
तामली में अगर यह अस्पताल ठीक से काम करता तो तल्लादेश क्षेत्र के 9 ग्राम पंचायतों की छह हजार से अधिक आबादी को लाभ होता। इसी माह चामी क्षेत्र की एक महिला की वक्त पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। तल्लादेश क्षेत्र के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विपिन जोशी, युवक मंगल दल अध्यक्ष देवेंद्र जोशी, विमल जोशी, लक्ष्मी दत्त जोशी आदि का कहना है कि तामली में एक भी दिन अस्पताल नहीं खुला। इन ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवाज उठाने पर भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तामली एपीएचसी को संचालित करने के लिए एक संविदा डॉक्टर भेजे गए थे, लेकिन उन्हें मां पूर्णागिरि और कैलास मानसरोवर यात्रा पर भेजे जाने से तामली नहीं पहुंच सके। 16 जुलाई से वे अनुपस्थित है। अलबत्ता हालत को सुधारने के लिए अब एक फार्मेसिस्ट को भेजा जा रहा है। -डा.डीएल साह, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।