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पढ़ाने को शिक्षक नहीं, कैसी पढे़ंगी और कैसे बढे़ंगी बेटियां

Sun, 08 Oct 2017 10:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Sun, 08 Oct 2017 10:12 PM IST
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No teacher to teach, how to grow and how to increase daughters
जिला मुख्यालय चंपावत का जीजीआईसी भवन। - फोटो : अमर उजाला

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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को पूरे जोर-शोर से देशभर में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम से देश में बेटियां निश्चित ही शिक्षा हासिल कर रही हैं, लेकिन जिलेभर के बेटियों के विद्यालय जीजीआईसी में शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो बेटियां कैसे पढे़ंगी और कैसी बढे़ंगी। चंपावत के जिला मुख्यालय के जीजीआईसी की तस्वीर इस अभियान की हवा निकालने को काफी है।

जिलेभर में प्रवक्ताओं के 68 सृजित पदों पर मात्र 36 प्रवक्ता तैनात हैं। चंपावत मुख्यालय के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 574 छात्राओं के लिए पढ़ाई की व्यवस्था अधूरी है। यहां इंटर की कक्षाओं को पढ़ाने वाली प्रवक्ताओं की 70 प्रतिशत कुर्सियां खाली हैं। बावजूद इसके शिक्षिकाओं और बेटियों की मेहनत से इंटर कला संकाय का पिछले साल का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा।
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जीजीआईसी इंटर की छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी से लेकर जीव विज्ञान, गणित, मनोविज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र विषय को पढ़ाने के लिए एक भी प्रवक्ता नहीं है। प्रधानाचार्य हेमंती बोहरा बताती हैं कि बारहवीं कक्षा को पढ़ाने के लिए मात्र तीन (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गृह विज्ञान) प्रवक्ताएं हैं। एलटी में भी भाषा की दो, जीव विज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की एक-एक शिक्षिका नहीं है। शिक्षिकाओं की कमी के बावजूद यहां का इंटर कला में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। सभी 104 छात्राएं पास हुईं। विज्ञान वर्ग में 24 में से 23 छात्राओं ने परीक्षा पास की। कॉलेज का वाचनालय जरूर बेहतर है। कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए भी विद्यालय ने अपने स्तर से व्यवस्था की है। विद्यालय में पेयजल के लिए अपना कनेक्शन तक नहीं है। प्रधानाचार्य आवास के कनेक्शन से कॉलेज में बनी टंकी के जरिए पानी की व्यवस्था की गई है।
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एक साल से अवैतनिक अवकाश पर है कला शिक्षिका
कला की एलटी शिक्षिका कमला रानी करीब एक वर्ष से अवैतनिक अवकाश पर हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि कमला रानी 13 जुलाई 2016 से अवकाश में हैं। इसके बाद उन्होंने इस साल 17 जून को विद्यालय बंद होने की तिथि 20 जून तक स्कूल में योगदान दिया। फिर जुलाई में सेवा दी, लेकिन इसके बाद फिर से यह शिक्षिका अब तक अवकाश पर है। प्रधानाचार्य का कहना है कि लगातार अनुपस्थिति के चलते उनका वेतन नहीं निकाला गया है। साथ ही इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
कोट
प्रवक्ताओं की भारी कमी से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ विषयों को एलटी शिक्षिकाओं के जरिए पढ़ाने का प्रयास किया गया है। रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है। -हेमंती बोहरा, प्रधानाचार्या, जीजीआईसी, चंपावत।


चंपावत जिले की बालिका शिक्षा के हाल
जीजीआईसी    प्रवक्ताओं के सृजित पद         तैनाती             एलटी शिक्षिकाएं      तैनाती
चंपावत                           10                 3                 11               6
लोहाघाट                          10                 7                 14              12
टनकपुर                           10                 7                 16              6
खेतीखान                          10                2                   9               9
काकड़                             10                5                   7               6
चमदेवल                            9                 7                   7               7
बनबसा                             9                 5                    7               5

कुल योग                          68                  36                  71            51
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