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Champawat News: एक साल में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी योजना
Thu, 20 Apr 2023 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 20 Apr 2023 11:10 PM IST
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चंपावत का चाय बागान। संवाद
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चंपावत। जिला मुख्यालय चंपावत में पहले रोपवे का सपना साकार होता नहीं दिख रहा है। ठीक एक साल पहले आज के ही दिन 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इस रोपवे को बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस रोपवे को बनाने की प्रक्रिया सालभर बाद भी एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है।
सीएम धामी ने चंपावत से विधायक का चुनाव लड़ने से पहले 21 अप्रैल 2022 को चंपावत चाय बागान से हिंगला देवी तक रोपवे का एलान किया था लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएआईडीसीएल) व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) सर्वे तक नहीं करा सका है। हिंगला देवी और चाय बागान के बीच सड़क मार्ग से 15 किमी की दूरी है लेकिन रोपवे बनने पर ये फासला दो किमी से भी कम हो जाता। ये रोपवे लोगों के कौतुहल और शहर के आकर्षण का भी केंद्र होता। इससे टी टूरिज्म के लिए आने वाले सैलानियों की सुविधा भी बढ़ती।
चाय बागान से हिंगला देवी के रोपवे के सर्वे के लिए पिछले साल मई में रोपवे की फिलिबिलिटी सर्वे कराने के लिए पर्यटन विकास परिषद को भेजा गया था लेकिन अभी सर्वे शुरू तक नहीं किया गया है। सर्वे की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।
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अनुकूल रिपोर्ट के बाद शुरू नहीं हुआ पूर्णागिरि रोपवे का काम
चंपावत। जिले के पूर्णागिरि तहसील में प्रस्तावित दूसरे रोपवे की प्रगति भी संतोषजनक नहीं है। वर्ष 2015 में शिलान्यास होने के बावजूद मां पूर्णागिरि धाम में पहले से प्रस्तावित 903 मीटर लंबे हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि रोपवे का काम भी मौके पर शुरू नहीं हो सका है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ का कहना है कि पूर्णागिरि रोपवे के लिए आईआईटी रुड़की से मृदा परीक्षण की अनुकूल रिपोर्ट मिली है। इसलिए संंबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से रोपवे का निर्माण जल्द शुरू करने के लिए कहा गया है।
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सीएम धामी ने चंपावत से विधायक का चुनाव लड़ने से पहले 21 अप्रैल 2022 को चंपावत चाय बागान से हिंगला देवी तक रोपवे का एलान किया था लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएआईडीसीएल) व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) सर्वे तक नहीं करा सका है। हिंगला देवी और चाय बागान के बीच सड़क मार्ग से 15 किमी की दूरी है लेकिन रोपवे बनने पर ये फासला दो किमी से भी कम हो जाता। ये रोपवे लोगों के कौतुहल और शहर के आकर्षण का भी केंद्र होता। इससे टी टूरिज्म के लिए आने वाले सैलानियों की सुविधा भी बढ़ती।
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चाय बागान से हिंगला देवी के रोपवे के सर्वे के लिए पिछले साल मई में रोपवे की फिलिबिलिटी सर्वे कराने के लिए पर्यटन विकास परिषद को भेजा गया था लेकिन अभी सर्वे शुरू तक नहीं किया गया है। सर्वे की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।
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अनुकूल रिपोर्ट के बाद शुरू नहीं हुआ पूर्णागिरि रोपवे का काम
चंपावत। जिले के पूर्णागिरि तहसील में प्रस्तावित दूसरे रोपवे की प्रगति भी संतोषजनक नहीं है। वर्ष 2015 में शिलान्यास होने के बावजूद मां पूर्णागिरि धाम में पहले से प्रस्तावित 903 मीटर लंबे हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि रोपवे का काम भी मौके पर शुरू नहीं हो सका है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ का कहना है कि पूर्णागिरि रोपवे के लिए आईआईटी रुड़की से मृदा परीक्षण की अनुकूल रिपोर्ट मिली है। इसलिए संंबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से रोपवे का निर्माण जल्द शुरू करने के लिए कहा गया है।