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चम्पावत: आईसीयू से रेफर किया, इलाज सामान्य वार्ड में हुआ
Wed, 15 Feb 2023 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:12 PM IST
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चंपावत। छतार की 82 वर्षीय कलावती शर्मा रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, हृदयरोग, लीवर, किडनी की दिक्कत से जूझ रही हैं। गंभीर हालत को देखते हुए परीक्षण के बाद बुधवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.यशमोहन सोनी ने आईसीयू (सघन निगरानी केंद्र) के लिए रेफर किया लेकिन उन्हें सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) के अलावा किसी अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं होने से आईसीयू में इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद कलावती का इलाज अस्पताल के सामान्य वार्ड में चल रहा है।
डीएच के आईसीयू के 15 फरवरी से संचालन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सीएमओ ने बुधवार को आईसीयू चलने की बात कही लेकिन आईसीयू में दिनभर ताले लटके रहे। सीएचओ कंचन जोशी का कहना है कि आईसीयू में न डॉक्टर है न नर्स इंचार्ज और न स्वच्छक। ऐसे में आईसीयू में इलाज संभव नहीं है। बाद में बुजुर्ग महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी का कहना है कि वह शिविर के मद्देनजर पाटी गए हैं लेकिन अस्पताल में एक मरीज को आईसीयू भेेजने की जानकारी है।
मां कलावती की हालत बेहद खराब है। परीक्षण के बाद फिजिशियन ने आईसीयू के लिए रेफर किया था लेकिन आईसीयू में चार सीएचओ के अलावा कोई स्टाफ नहीं होने से मां को आईसीयू में नहीं ले जाया जा सका। इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है। डीएच को इसी महीने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र मिला है लेकिन यहां के हालात इस प्रमाणपत्र से मेल नहीं खा रहे हैं। -बीडी शर्मा, सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त), बीमार कलावती शर्मा के पुत्र।
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आईसीयू के संचालन के लिए अस्पताल को चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिए गए हैं। जो वहां काम कर रही हैं। डीएच में 30 से ज्यादा डॉक्टर हैं। आईसीयू में डॉक्टर और अन्य जरूरी स्टाफ की ड्यूटी लगाना पीएमएस की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद बुधवार से आईसीयू संचालित क्यों नहीं हुआ इसका पता लगाया जाएगा। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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डीएच के आईसीयू के 15 फरवरी से संचालन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सीएमओ ने बुधवार को आईसीयू चलने की बात कही लेकिन आईसीयू में दिनभर ताले लटके रहे। सीएचओ कंचन जोशी का कहना है कि आईसीयू में न डॉक्टर है न नर्स इंचार्ज और न स्वच्छक। ऐसे में आईसीयू में इलाज संभव नहीं है। बाद में बुजुर्ग महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी का कहना है कि वह शिविर के मद्देनजर पाटी गए हैं लेकिन अस्पताल में एक मरीज को आईसीयू भेेजने की जानकारी है।
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मां कलावती की हालत बेहद खराब है। परीक्षण के बाद फिजिशियन ने आईसीयू के लिए रेफर किया था लेकिन आईसीयू में चार सीएचओ के अलावा कोई स्टाफ नहीं होने से मां को आईसीयू में नहीं ले जाया जा सका। इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है। डीएच को इसी महीने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र मिला है लेकिन यहां के हालात इस प्रमाणपत्र से मेल नहीं खा रहे हैं। -बीडी शर्मा, सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त), बीमार कलावती शर्मा के पुत्र।
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आईसीयू के संचालन के लिए अस्पताल को चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिए गए हैं। जो वहां काम कर रही हैं। डीएच में 30 से ज्यादा डॉक्टर हैं। आईसीयू में डॉक्टर और अन्य जरूरी स्टाफ की ड्यूटी लगाना पीएमएस की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद बुधवार से आईसीयू संचालित क्यों नहीं हुआ इसका पता लगाया जाएगा। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।