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Champawat News: न बारिश हो रही है और ना ही जंगली जानवरों से बच रही फसल

Sun, 05 May 2024 10:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sun, 05 May 2024 10:21 PM IST
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Neither is it raining nor are the crops safe from wild animals.
चंपावत। जिले में लंबे समय से बारिश नहीं होने का असर दिखाई दे रहा है। काश्तकारों की बोई गई फसल चौपट होने की कगार पर है। मौसम की मार झेल रहे काश्तकार आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इस माह बारिश नहीं होती है तो विभाग को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए सर्वे कार्य शुरू कराना चाहिए।
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किसानों का कहना है कि एक तरफ जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो दूसरी तरफ बारिश नहीं होने से सूखे के हालात होने लगे हैं। इस दो तरफा मार से वे परेशान हैं। अगर ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले समय में वह खेती छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। पानी की कमी के चलते घरों के आसपास भी खेती करना आसान नहीं हो रहा है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि एक अच्छी बारिश की जरूरत है। अगर बारिश नहीं हुई तो आलू समेत अन्य फसलों की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद कम है।
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कोट
मौसम और जंगली जानवरों की दो तरफा मार से परेशान हैं। काश्तकारों के लिए यह साल मुश्किल भरा है। अगर बारिश नहीं होती है तो फसलों की पैदावार अच्छी नहीं होगी। - मनोज पुनेठा, काश्तकार, चंपावत।
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कोट
काश्तकारों के लिए खेत में बीज लगाना तो आसान होता है लेकिन उसे सींचना मुश्किल होता है। बारिश पर निर्भर होने के कारण खेती मुश्किल होती है। इसके लिए कोई भविष्य में ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। - भीम सिंह, काश्तकार, चंपावत।
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