फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   National workshop was dominated by state

राष्ट्रीय कार्यशाला में रहा उत्तराखंड का बोलबाला

Fri, 05 Feb 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट Updated Fri, 05 Feb 2016 10:37 PM IST
विज्ञापन

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से हमारी सांस्कृतिक विविधताएं विषय पर मैसूर में 18 से 29 जनवरी तक हुई राष्ट्रीय कार्यशाला में उत्तराखंड का बोलबाला रहा। मैसूर कर्नाटक में जागर, खड़ी होली, नंदा राजजात यात्रा के प्रदर्शन से लोगों को रूबरू कराया गया।

विज्ञापन


जीआईसी चौमेल के प्रवक्ता पीसी तिवारी के नेतृत्व में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के 13 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने प्रदर्शनों के जरिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, गोलज्यू और मां भगवती के जागर की परंपरा को जीवंत स्वरूप दिया। खड़ी होली में झनकारो झनकारो झनकारो, गोरी प्यारो लगे तेरो झनकारो बोल पर खड़ी होली का गायन किया गया। इस दौरान तिवारी ने उत्तराखंड के आध्यात्मिक और दर्शनीय स्थलों की जानकारी देते हुए लोगों को उत्तराखंड आने के लिए भी आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में सीएस भट्ट, सीएस पुजारी, नवीन पांडेय, प्रेमपाल गंगवार, पूरन उपाध्याय, रजनी, रीता रानी, कुसुम चौधरी, हेम पाठक, हेम लोहुमी, सीएस रतूड़ी शामिल थे।
विज्ञापन


क्यों कहा जाता है देवभूमि
प्रवक्ता श्री तिवारी ने कार्यशाला में जप, तप, व्रत, हवन, यज्ञ, सेवा, संस्कार, शृंगार, श्राद्ध, तर्पण, अर्पण की गौरवशाली परंपरा को लोगों के सम्मुख रखते हुए कहा कि महान ऋषि मुनियों, मनिषियों ने आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति प्राप्त की। यही नहीं रावण वध के बाद युद्ध में बहुत सारे लोगों को मारने पर स्वयं प्रभु राम आत्मिक शांति के लिए यहां आए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed