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लॉकडाउन में फावड़ा चलाकर बंजर जमीन को बनाया उपजाऊ

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2020 01:12 PM IST
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Motivationl work done by Pujari
पुस्तैनी गांव खर्राटाक की बंजर भूमि की फावड़े से खुदाई करते मन्दिर समिति पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी। - फोटो : AMAR UJALA
राजेश देउपा (संवाद) टनकपुर (चंपावत)। इस बार भले ही कोरोना संक्रमण के कारण पूर्णागिरि मेला रद्द होने से धाम के पुजारियों को मायूसी मिली हो, लेकिन पुजारियों ने हिम्मत नहीं हारी।उन्होंने पलायन से वीरान हो चुके अपने पुश्तैनी खर्राटाक गांव की सालों से बंजर भूमि को हराभरा बना डाला।
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जीं हां, यहां उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम के उन पुजारियों की बात हो रही है, जिनकी सालभर की आजीविका सिर्फ मेले पर ही निर्भर रहती है। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का विशाल मेला होता है। जिसमें देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्घालुओं के साथ ही नेपाल से भी बड़ी संख्या में देवी भक्त मां के दर्शन को पहुंचते हैं। धाम के पुजारियों की आजीविका भी इसी मेले पर निर्भर रहती है। पूजा-अर्चना और दुकानों से होने वाली कमाई से ही पुजारी सालभर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
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इस बार कोरोना की वैश्विक महामारी से सात दिन बाद 18 मार्च को ही मेला स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में पुजारी आजीविका को लेकर चिंतित तो हुए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। लॉकडाउन में उन्होंने टनकपुर से करीब 35 किमी दूर सालों से वीरान अपने पुश्तैनी गांव खर्राटाक की ओर रूख कर बंजर पड़ी करीब 250 नाली भूमि को फावड़ा चलाकर उपजाऊ बना दिया। इस पहल के मुखिया मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि अब गांव की भूमि में फसल बुआई की तैयारी है। उन्होंने बताया कि वैसे तो गांव को आबाद करने की योजना पहले से चल रही थी, लेकिन लॉकडाउन में कोई काम नहीं बचा तो उनका ध्यान पूरी तरह गांव को आबाद करने में लगा रहा।
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--::: पुजारियों की पहल पर राज्य सरकार भी गंभीर -:: पूर्णागिरि धाम के पुजारियों ने खर्राटाक गांव को आबाद करने की योजना राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से शुरू की थी। उनकी इस पहल को सरकार भी गंभीरता से ले रही है। मूलभूमि सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री को भेजे पत्र पर मुख्य सचिव के स्टाफ आँफिसर भूपाल सिंह मनराल और मुख्यमंत्री कार्यालय जन आकांक्षा अनुभाग के अनु सचिव हरीश चंद्र ने अपर सचिव लोनिवि, पर्यटन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पेयजल को पत्र लिख जरूरी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश से मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी को भी पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।

Motivationl work done by Pujari
फावड़ा चलाकर उपजाऊ बनाई गई खर्राटाक कि बंजर भूमि। - फोटो : AMAR UJALA
फावड़ा चलाकर उपजाऊ बनाई गई खर्राटाक कि बंजर भूमि।
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