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देवीधुरा में मां बाराही व दिंगबरा का पूजन हुआ

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:48 PM IST
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Mother Barahi and Dingbara worshiped in Devidhura
पाटी (चंपावत)। देवीधुरा में बगवाल से एक दिन पूर्व होने वाले धार्मिक अनुष्ठान रविवार को विधान के साथ संपन्न हुए। रविवार को चारों खाम के देवगणों ने मां बाराही के दरबार में शीश नवाकर मंदिर परिसर में पंचगव्य का स्नान कराया। पूजन से पूर्व मंदिर कमेटी ने मंदिर को सैनिटाइज करवाया।
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चार खाम के मुखियाओं ने मां दिगंबरा शक्ति के पूजन के लिए कोट भैसर्क के गुरु के आदेश पर भूपाल सिंह बिष्ट से मां बाराही की पूजा के लिए गोदान कराया। वैष्णवी शक्ति गुफा में विराजमान मां बाराही और दिगंबरा शक्ति का पूजा-अर्चना की गई। मचवाल शिखर में जाकर पंचनाम देवों की आराधना भी की गई। चारों खाम, सातों थोक के प्रतिनिधियों को प्रधान पुजारी धर्मानंद पुजारी ने आशीर्वाद दिया। साथ ही श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (रक्षाबंधन) को अपने-अपने घरों में मां बाराही का पूजन करने के निर्देश दिए। इसी बीच चौसठ योगिनियों की विशेष पूजा की गई।
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पूजन में गहरवाल ख़ाम के त्रिलोक सिंह बिष्ट, वालिग खाम के बद्री सिंह बिष्ट, लमगड़िया खाम के वीरेंद्र सिंह लमगड़िया, चम्याल खाम के गंगा सिंह चम्याल, पीठाचार्य कीर्ति बल्लभ जोशी, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष खीम सिंह, दीपक बिष्ट, मदन सिंह बोरा, नारायण सिंह बिष्ट, हयात सिंह बिष्ट, जीत सिंह चम्याल, रमेश राणा, बिशन सिंह चम्याल, ईश्वर सिंह बिष्ट, नवीन राणा, राजू बिष्ट, दिनेश चम्याल, मोहन बिष्ट, दीपक चम्याल, सुनील जोशी आदि मौजूद थे।
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बगवाल की रस्म आज
देवीधुरा में सोमवार को बगवाल की रस्म अदा की जाएगी। कोरोना महामारी के चलते इस बार फल-फूलों से खेली जाने वाली बगवाल नहीं होगी। बस फर्रे के साथ मंदिर की परिक्रमा की जाएगी। बगवाल में चार खाम (गहरवाल, वालिग, लमगड़िया व चम्याल) और सात थोक के योद्धा हिस्सा लेते हैं। ये चारों खाम के प्रतिनिधि पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना कर एक दूसरे को बगवाल का न्यौता देते हैं। माना जाता है कि पूर्व में यहां नरबलि दिए जाने का रिवाज था, लेकिन जब चम्याल खाम की एक वृद्धा के एकमात्र पौत्र की बलि के लिए बारी आई तो वंश नाश के डर से उसने मां बाराही की तपस्या की। देवी मां के प्रसन्न होने पर वृद्धा की सलाह पर चारों खामों के मुखियाओं ने बगवाल की परंपरा शुरू की।
सिर्फ 45 लोगों को होगी मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति
देवीधुरा (चंपावत)। कोरोना की वजह से देवीधुरा की बगवाल भले ही सोमवार को नहीं होगी, लेकिन बगवाल की रस्म को निभाने के लिए सभी एहतियाती प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रशासन के साथ रविवार को हुई मंदिर समिति की बैठक में कहा गया कि सिर्फ 45 लोगों को मां बाराही मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति होगी।

देवीधुरा बाजार सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक बंद रहेगा। शराब की दुकान भी बंद रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त होगा। देवीधुरा होते हुए लंबी दूरी को जाने वाले वाहनों को छूट होगी। इसके अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। सीओ ध्यान सिंह और तहसीलदार सचिन कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, चारों खामों के प्रतिनिधि, मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।
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