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तीन हजार से अधिक भक्तों ने किए मां पूर्णागिरि के दर्शन
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मां पूर्णागिरि धाम में मन्नत के लिए गांठ बांधते सीख दंपत्ति।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्रों में मां पूर्णागिरि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला जारी है। रविवार को नवरात्र के दूसरे दिन भी तीन हजार से अधिक भक्तों ने मां पूर्णागिरि के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
शारदीय नवरात्र में पूर्णागिरि धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते धाम में रौनक गत वर्षों की तुलना में कम है। प्रशासन की ओर से उत्तराखंड से बाहर के श्रद्धालुओं को भी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए पूर्णागिरि दर्शन के लिए आने की अनुमति दिए जाने से उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। रविवार को भी धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला बना रहा। मंदिर समिति के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में तीन हजार से अधिक भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए हैं।
समिति के अध्यक्ष पं.भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की कम आवक से कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कराने में आसानी हो रही है। समिति के स्वयं सेवक यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही उनके हाथ सैनिटाइज कर दर्शन के लिए भेज रहे हैं। किसी भी यात्री को बगैर मास्क के दर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक जगह-जगह स्वयं सेवक यात्रियों के बीच सुरक्षित दूरी का पालन करा रहे हैं।
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शुभ माना जाता है पूर्णागिरि में मुंडन संस्कार
मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु धाम में अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराते हैं। पूर्णागिरि धाम में बच्चों को मुंडन संस्कार कराना शुभ माना जाता है। यहीं वजह है कि धाम में हर साल हजारों बच्चों का मुंडन संस्कार होता है। पूर्णागिरि मेले के आयोजन में भी मुंडन संस्कार के ठेके से प्रशासन को कमाई भी होती है। संवाद
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शारदीय नवरात्र में पूर्णागिरि धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते धाम में रौनक गत वर्षों की तुलना में कम है। प्रशासन की ओर से उत्तराखंड से बाहर के श्रद्धालुओं को भी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए पूर्णागिरि दर्शन के लिए आने की अनुमति दिए जाने से उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। रविवार को भी धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला बना रहा। मंदिर समिति के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में तीन हजार से अधिक भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए हैं।
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समिति के अध्यक्ष पं.भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की कम आवक से कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कराने में आसानी हो रही है। समिति के स्वयं सेवक यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही उनके हाथ सैनिटाइज कर दर्शन के लिए भेज रहे हैं। किसी भी यात्री को बगैर मास्क के दर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक जगह-जगह स्वयं सेवक यात्रियों के बीच सुरक्षित दूरी का पालन करा रहे हैं।
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शुभ माना जाता है पूर्णागिरि में मुंडन संस्कार
मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु धाम में अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराते हैं। पूर्णागिरि धाम में बच्चों को मुंडन संस्कार कराना शुभ माना जाता है। यहीं वजह है कि धाम में हर साल हजारों बच्चों का मुंडन संस्कार होता है। पूर्णागिरि मेले के आयोजन में भी मुंडन संस्कार के ठेके से प्रशासन को कमाई भी होती है। संवाद