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पूर्णागिरि धाम में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 11:03 PM IST
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More than 20 thousand devotees visited Purnagiri Dham
कम नहीं मुश्किलें: मां पूर्णागिरि देवी दर्शन के लिए बाटनागाड़ नाले की बाधा को बाइक से पार करते श्? - फोटो : CHAMPAWAT
पूर्णागिरि धाम/टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन आस्था के धाम मां पूर्णागिरि में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पहले दिन सोमवार को देवी मां का आशीर्वाद लिया।
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दर्शन के लिए मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे खोले गए। देवी दर्शन के बाद पूजन करा रहे पंडित नवीन तिवारी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। भारी भीड़ के चलते कई बार जाम की नौबत आई। वहीं शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से पूर्णागिरि धाम (ककरालीगेट-भैरव मंदिर) की सड़क बाटनागाड़ सहित कई जगह मुश्किल भरी रही जिस कारण दोपहर 12 बजे तक ज्यादातर वाहनों को बूम में रोकना पड़ा और श्रद्धालुओं को यहां से दूसरे वाहनों से भैरव मंदिर तक जाना पड़ा।
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श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक साढ़े तीन किमी पैदल रास्ते पर आवाजाही में डेढ़ घंटे से अधिक समय लगा। मुख्य मंदिर में भी लंबी कतार लगी। वहीं पैदल, साइकिल और बाइक से भी काफी श्रद्धालु धाम पहुंचे थे। दिव्यांग बाराबंकी के राजेश ने साढ़े तीन किमी की पैदल यात्रा बैसाखी से तय कर देवी का आशीर्वाद लिया। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ से कारोबारियों और टैक्सी संचालकों के चेहरे खिले रहे। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने मेला क्षेत्र में जाकर व्यवस्था को सुचारु कराया।
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आस्था की राह में रोड़े भी कम नहीं...
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। शारदीय नवरात्र के साथ ही पूर्णागिरि धाम श्रद्धालुओं से पट गया है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दरबार पहुंचे लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचने में कठिनाइयां भी खूब झेलनी पड़ी। दो दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से पूर्णागिरि सड़क के हाल खराब रहे। बाटनागाड़ नाले ने सबसे ज्यादा परेशान किया।
300 मीटर लंबे इस हिस्से पर मलबे और नाले से कार, जीप जैसे छोटे वाहनों का निकलना भी चुनौती भरा रहा। इस वजह से अधिकतर श्रद्धालुओं को सोमवार दोपहर 12 बजे तक बाटनागाड़ से पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ा। भैरव मंदिर के बजाय नौ किमी पहले बाटनागाड़ में वाहनों के रुकने के बावजूद पार्किंग शुल्क की वसूली मनमाने ढंग से होने के भी आरोप लगे।
वहीं पूर्णागिरि की पेयजल व्यवस्था नवरात्र शुरू होने तक ठीक नहीं हो सकी। इसके चलते कई स्थानों पर पानी की दिक्कत भी श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ी। जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस का कहना है कि दो दिन की मूसलाधार बारिश ने मरम्मत काम को प्रभावित किया। स्रोत पर कई पाइप भी बह गए। उन्होंने मंगलवार शाम तक पेयजल व्यवस्था ठीक करने का दावा किया है। इन सबके बीच यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बंदोबस्त ठीकठाक था। एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि ठुलीगाड़ पुलिस चौकी के अलावा टनकपुर थाने से भी पुलिस कर्मी धाम भेजे गए हैं। संवाद

पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र के मद्देनजर व्यवस्था की गई है लेकिन दो दिन की भारी बारिश से पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ नाले वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां पुल का निर्माण जरूरी है। इसके लिए डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। -नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
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