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Champawat News: विभिन्न विदेशी प्रजाति के 100 से ज्यादा सेब के पौधे सूखे
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चंपावत के कठनौली में सेब के सूखे पेड़ दिखाते काश्तकार भीम सिंह महर। संवाद
चंपावत। कठनौली मौनपोखरी के महर गार्डन में सेब के विभिन्न विदेशी प्रजाति के 4000 से ज्यादा पौधे लगाए हैं। काश्तकार भीम सिंह महर ने बताया कि इस दौरान तपती धूप और पानी की कमी से उनके बगीचे में लगे पौधे एक-एक कर सूखते जा रहे हैं। काश्तकार महर की ओर से करीब 10 नाली भूमि में सेब के पौधे लगाए गए हैं। अब तक 100 से ज्यादा सेब के पौधे सूखते हुए जड़ से उखड़ गए हैं। काश्तकार ने प्रशासन से बगीचे का मुआयना कर उचित मुआवजे की मांग की है।
सेब काश्तकार महर ने बताया कि उन्होंने अपने बगीचे में ग्रेनि रिमथ, किंग रोट, जैरो माइन, रैड विलोकस, सुपर चीफ, रैड लम गाला, गेल गाला, डार्क वैरन गाला, मेमा गोल्ड और रैड लव सहित विभिन्न प्रजाति के विदेशी पौधे लगाए हैं। हिमांचल से मंगाया बीज भी इस बार ठीक समय पर बारिश नहीं होने से बेकार हो गया है। पेड़ों में फंगस लग गया है पानी की कमी से दवाई भी नहीं डाल पा रहे हैं।
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सेब काश्तकार महर ने बताया कि उन्होंने अपने बगीचे में ग्रेनि रिमथ, किंग रोट, जैरो माइन, रैड विलोकस, सुपर चीफ, रैड लम गाला, गेल गाला, डार्क वैरन गाला, मेमा गोल्ड और रैड लव सहित विभिन्न प्रजाति के विदेशी पौधे लगाए हैं। हिमांचल से मंगाया बीज भी इस बार ठीक समय पर बारिश नहीं होने से बेकार हो गया है। पेड़ों में फंगस लग गया है पानी की कमी से दवाई भी नहीं डाल पा रहे हैं।
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