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नगर पालिका में शामिल किए जाने के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:01 PM IST
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एसडीएम को ज्ञापन सौंपते आमबाग, नायकगोठ व ज्ञानखेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका के सीमा विस्तार में शामिल किए जा रहे प्रस्तावित ग्रामीण क्षेत्र के लोग कैबिनेट के फैसले के विरोध में लामबंद होने लगे हैं। ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत के साथ ही अब टनकपुर (आमबाग) व नायकखेड़ा (नायकगोठ) के पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने क्षेत्र को नगर पालिका शामिल किए जाने का कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने एसडीएम अनिल चन्याल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने 25 सितंबर से इसके खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी।
टनकपुर (आमबाग) की प्रधान पुष्पा विश्वकर्मा के नेतृत्व में तहसील पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कहा है कि पालिका क्षेत्र में प्रस्तावित किए गए ग्राम पंचायतों के लोगों को विश्वास में लिये बिना सरकार का यह फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। कहा कि नगर पालिका में शामिल होने से ग्रामीणों पर तरह-तरह के अनावश्यक करों का बोझ बढ़ेगा। गांवों में रह रहे 95 प्रतिशत परिवार खेती व पशुपालन से आजीविका चलाते हैं। नगर पालिका में शामिल होने से उन्हें कई तरह तरह की परेशानियां झेलनी पड़ेगी।
उन्होंने आगाह किया है कि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो वे 25 सितंबर से तहसील में धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी, सूरज नाथ, राधिका देवी, पार्वती, प्रमिला सिंह, गीता डांगा, भारती देवी, मंजू जोशी, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, अप्रा कै. चंद्रशेखर गहतोड़ी, जीत सिंह आदि शामिल थे।
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टनकपुर (आमबाग) की प्रधान पुष्पा विश्वकर्मा के नेतृत्व में तहसील पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कहा है कि पालिका क्षेत्र में प्रस्तावित किए गए ग्राम पंचायतों के लोगों को विश्वास में लिये बिना सरकार का यह फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। कहा कि नगर पालिका में शामिल होने से ग्रामीणों पर तरह-तरह के अनावश्यक करों का बोझ बढ़ेगा। गांवों में रह रहे 95 प्रतिशत परिवार खेती व पशुपालन से आजीविका चलाते हैं। नगर पालिका में शामिल होने से उन्हें कई तरह तरह की परेशानियां झेलनी पड़ेगी।
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उन्होंने आगाह किया है कि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो वे 25 सितंबर से तहसील में धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी, सूरज नाथ, राधिका देवी, पार्वती, प्रमिला सिंह, गीता डांगा, भारती देवी, मंजू जोशी, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, अप्रा कै. चंद्रशेखर गहतोड़ी, जीत सिंह आदि शामिल थे।
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