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राहुल रैंसवाल की शहादत अनमोल : अरविंद
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पुलवामा में शहीद हुए राहुल रैंसवाल के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल को सांत्वना देते कैबिनेट मंत्र
- फोटो : CHAMPAWAT
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि शहीद राहुल रैंसवाल की शहादत अनमोल है। शहीद के परिवार को जो भी मदद की जाए, उससे शहादत की भरपाई नहीं हो सकती है।
मंत्री ने शनिवार को शहीद के आवास में जाकर शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल, मां हरू देवी, पत्नी प्रीति उर्फ पिंकी, फौजी भाई राजेश रैंसवाल सहित तमाम परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि प्रदेश सरकार अनुमन्य सुविधाओं के अलावा शहीद की पत्नी को सरकारी सेवा दिलाने के लिए डीएम से वार्ता करेंगे। मंत्री के साथ विधायक कैलाश गहतोड़ी व पूरन सिंह फर्त्याल, डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय और एसपी लोकेश्वर सिंह ने भी सांत्वना दी।
इस दौरान शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल ने शहीद बेटे के नाम पर चंपावत जीआईसी का नाम रखने का आग्रह किया। मंत्री ने सीएम से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर स्कूल का नाम शहीद राहुल के नाम पर करने का भरोसा दिलाया।
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जबकि पूर्व प्रमुख बहादुर सिंह फर्त्याल, बसंत तड़ागी, डीके पांडेय सहित क्षेत्र के कई लोगों ने लेटी-रियासीबमन गांव की रोड का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग की। मंत्री पांडेय ने जीआईसी चौक का नाम भी शहीद के नाम रखने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही। इस मौके पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, एसपी लोकेश्वर सिंह, एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल आदि थे।
मूल रूप से नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के रियासीबमन गांव के फौजी राहुल रैंसवाल की जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 21 जनवरी को आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत हो गई थी। शहादत से पूर्व तक उन्होंने दिलेरी के साथ आतंकियों को खोजकर उन्हें ढेर करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक मकान में महिला के पीछे छिपे आतंकी ने घात लगाकर राहुल पर हमला किया।
चंपावत का शहीद स्मारक जिले के शहीदों की स्मृति से जुड़ा हुआ है। इस अधूरे पड़े शहीद स्मारक को पूरा किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को अगले साल की जिला योजना में बजट का प्रावधान करने का आदेश दे दिया गया है। अरविंद पांडेय, कैबिनेट मंत्री।
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मंत्री ने शनिवार को शहीद के आवास में जाकर शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल, मां हरू देवी, पत्नी प्रीति उर्फ पिंकी, फौजी भाई राजेश रैंसवाल सहित तमाम परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि प्रदेश सरकार अनुमन्य सुविधाओं के अलावा शहीद की पत्नी को सरकारी सेवा दिलाने के लिए डीएम से वार्ता करेंगे। मंत्री के साथ विधायक कैलाश गहतोड़ी व पूरन सिंह फर्त्याल, डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय और एसपी लोकेश्वर सिंह ने भी सांत्वना दी।
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इस दौरान शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल ने शहीद बेटे के नाम पर चंपावत जीआईसी का नाम रखने का आग्रह किया। मंत्री ने सीएम से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर स्कूल का नाम शहीद राहुल के नाम पर करने का भरोसा दिलाया।
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जबकि पूर्व प्रमुख बहादुर सिंह फर्त्याल, बसंत तड़ागी, डीके पांडेय सहित क्षेत्र के कई लोगों ने लेटी-रियासीबमन गांव की रोड का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग की। मंत्री पांडेय ने जीआईसी चौक का नाम भी शहीद के नाम रखने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही। इस मौके पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, एसपी लोकेश्वर सिंह, एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल आदि थे।
मूल रूप से नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के रियासीबमन गांव के फौजी राहुल रैंसवाल की जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 21 जनवरी को आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत हो गई थी। शहादत से पूर्व तक उन्होंने दिलेरी के साथ आतंकियों को खोजकर उन्हें ढेर करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक मकान में महिला के पीछे छिपे आतंकी ने घात लगाकर राहुल पर हमला किया।
चंपावत का शहीद स्मारक जिले के शहीदों की स्मृति से जुड़ा हुआ है। इस अधूरे पड़े शहीद स्मारक को पूरा किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को अगले साल की जिला योजना में बजट का प्रावधान करने का आदेश दे दिया गया है। अरविंद पांडेय, कैबिनेट मंत्री।

शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल को सांत्वना देते डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय व एसपी लोकेश्वर- फोटो : CHAMPAWAT

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय को चंपावत जीआईसी का नाम शहीद राहुल रैंसवाल के नाम पर करने को ज्ञापन - फोटो : CHAMPAWAT

शहीद राहुल रैंसवाल के बड़े भाई फौजी राजेश रैंसवाल को सांत्वना देते प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय- फोटो : CHAMPAWAT