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Champawat News: ब्लॉक यूनिट में लाखों की मशीनों को स्टाफ का इंतजार
Sat, 22 Feb 2025 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 22 Feb 2025 11:38 PM IST
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चंपावत। जिले के बाराकोट में पब्लिक हेल्थ यूनिट में लाखों की मशीनों को स्टाफ का इंतजार है। यूनिट में स्थापित मशीनें पूरी तरह आधुनिक है। इनका संचालन होने से मरीजों को आधुनिक जांचों का लाभ मिलेगा। स्थायी स्टाफ न होने के चलते इन मशीनों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
बाराकोट में पिछले साल पब्लिक हेल्थ यूनिट में करीब 30 लाख रुपये की तीन मशीनें स्थापित की गई थी। मशीनें तो स्टाल कर दी गई। विशेषज्ञों ने एक स्टाफ को इनके संचालन का प्रशिक्षण भी दे दिया, लेकिन नियमित तौर पर मशीनों के संचालन के लिए स्थायी स्टाफ की तैनात जरूरी है।
स्टाफ तैनात होने के बाद इन मशीनों के संचालन की उम्मीद है। वर्तमान में यूनिट में स्थापित मशीनों का संचालन कभी-कभी किया जाता है। बाराकोट के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मंजीत ने बताया कि मशीन पूरी तरह आधुनिक हैं। इन मशीनों के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच भी की जाती हैं।
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टीबी मशीन में बलगम का सैंपल डाला जाए तो मरीज को टीबी होने न होने की स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा सीबीसी और बायोकेमिस्ट्री मशीनें हैं। इन मशीनों के संचालन के लिए एपिडेमियोलॉजिस्ट, दो लैब तकनीशियन और एक डाटा मैनेजर की जरूरत है।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान का कहना है कि बाराकोट पब्लिक हेल्थ यूनिट में स्थापित मशीनों का संचालन स्थायी स्टाफ के कारण नहीं हो पा रहा है। मशीनों के संचालन के लिए स्टाफ की डिमांड शासन से की गई है। चार लोगों के स्टाफ की मांग की गई। तैनाती होने के बाद इन मशीनों का संचालन किया जाएगा।
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बाराकोट में पिछले साल पब्लिक हेल्थ यूनिट में करीब 30 लाख रुपये की तीन मशीनें स्थापित की गई थी। मशीनें तो स्टाल कर दी गई। विशेषज्ञों ने एक स्टाफ को इनके संचालन का प्रशिक्षण भी दे दिया, लेकिन नियमित तौर पर मशीनों के संचालन के लिए स्थायी स्टाफ की तैनात जरूरी है।
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स्टाफ तैनात होने के बाद इन मशीनों के संचालन की उम्मीद है। वर्तमान में यूनिट में स्थापित मशीनों का संचालन कभी-कभी किया जाता है। बाराकोट के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मंजीत ने बताया कि मशीन पूरी तरह आधुनिक हैं। इन मशीनों के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच भी की जाती हैं।
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टीबी मशीन में बलगम का सैंपल डाला जाए तो मरीज को टीबी होने न होने की स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा सीबीसी और बायोकेमिस्ट्री मशीनें हैं। इन मशीनों के संचालन के लिए एपिडेमियोलॉजिस्ट, दो लैब तकनीशियन और एक डाटा मैनेजर की जरूरत है।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान का कहना है कि बाराकोट पब्लिक हेल्थ यूनिट में स्थापित मशीनों का संचालन स्थायी स्टाफ के कारण नहीं हो पा रहा है। मशीनों के संचालन के लिए स्टाफ की डिमांड शासन से की गई है। चार लोगों के स्टाफ की मांग की गई। तैनाती होने के बाद इन मशीनों का संचालन किया जाएगा।