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लोहाघाट सीट : उतारचढ़ाव के बीच बरकरार रखा टिकट
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भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद चंपावत में जश्न मनाते कार्यकर्ता। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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लोहाघाट (चंपावत)। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के टिकट मिलने के आत्मविश्वास के बावजूद विधानसभा सीट नंबर 54 लोहाघाट पर आखिरी वक्त तक संशय बना रहा। हालांकि बृहस्पतिवार को उनके नाम की घोषणा होने के साथ ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। भाजपा ने लगातार तीसरी बार उन्हें प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही इस सीट से पार्टी का तीन बार टिकट पाने वाले वे पहले नेता बने।
2020 में पार्टी ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, इसे लेकर टिकट मिलने पर संशय के बादल मंडरा रहे थे। निर्माणाधीन टीजे रोड की निविदा में गड़बड़ी के आरोप के मामले को उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष ही नहीं विधानसभा में भी उठाया था। इस मामले में कई बार सरकार असहज तक हुई लेकिन 2019 के पंचायती चुनाव में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के साथ सभी तीनों ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों को जितवाने के बाद उनका कद बढ़ गया। पार्टी सूत्र बताते हैं कि टिकट कटने की दशा में 16 बड़े पंचायत प्रतिनिधि पार्टी छोड़ सकते थे। इसकी आहट लगने के बाद आलाकमान ने टिकट में फेरबदल नहीं किया। पूरन र्फ्त्याल को टिकट मिलने पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष मोहित पाठक, महेंद्र ढेक, नवीन बोहरा, एलएम जोशी, चंद्रशेखर बगौली, विजय बोहरा आदि खुशी जताई।
विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का प्रोफाइल:
2002: लोहाघाट विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चौथे नंबर पर रहे।
2003: पाटी ब्लॉक से जिला पंचायत के लगातार दूसरी बार सदस्य बने लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में हारे 2012: पूर्व कैबिनेट मंत्री और चार बार विधायक रहे महेंद्र सिंह माहरा को बड़े अंतर से हरा लोहाघाट से विधायक बने।
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2017: नजदीकी मुकाबले में कांग्रेस को शिकस्त दे लोहाघाट से लगातार दूसरी बार विधायक बने।
चंपावत सीट पर भी बना इतिहास, पहली बार प्रत्याशी रिपीट
चंपावत। सारे अनुमान, अटकलें और आशंकाओं को धता बताते हुए भाजपा ने विधायक कैलाश गहतोड़ी पर लगातार दूसरी बार भरोसा जताया है। 2017 में 17360 वोटों से जीतने वाले गहतोड़ी को पार्टी ने सात अन्य दावेदारों पर तरजीह देते हुए चंपावत सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने इस सीट से पहली बार किसी प्रत्याशी को दूसरी बार टिकट दिया है।
पार्टी के भीतर कड़ी टक्कर मिलने के बावजूद जातीय समीकरण के अलावा भरपूर संसाधन ने उन्हें टिकट दिलाने में मदद की। मूल रूप से पाटी ब्लॉक से ताल्लुक रखने वाले गहतोड़ी स्वास्थगत कारणों से काफी समय क्षेत्र से दूर रहने और 2019 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर पंचायत और निकाय चुनाव में भाजपा की हार के बावजूद वे अपनी कुछ खूबियों के चलते प्रत्याशी बनने में सफल रहे। व्यवहार कुशलता, कोरोना काल में उनकी ओर से की गई लोगों की मदद और लोगों को दिया गया सहयोग उनके पक्ष में गया।
विधायक कैलाश गहतोड़ी का प्रोफाइल:
2002: लोहाघाट विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ पांचवें नंबर पर रहे।
2003: पाटी ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य बने।
2017:चंपावत सीट पर प्रदेश की तीसरी बड़ी जीत हासिल की।
टिकट मिलने पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
चंपावत/टनकपुर/बनबसा। भाजपा के टिकट के ऐलान के साथ ही चंपावत क्षेत्र में जश्न मना। कार्यकर्ताओं ने विधायक कैलाश गहतोड़ी को दूसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी जताते हुए फिर से रिकार्ड वोटों से जीतने का दावा किया। मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी के नेतृत्व में जश्न मनाने वालों में मुकेश महराना, कृष्णा जोशी, दीपक मुरारी सहित ढेरों लोग मौजूद थे। इससे पूर्व विधायक गहतोड़ी ने बनबसा और टनकपुर में पार्टी जिलाध्यक्ष दीपक पाठक और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मंत्रणा की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपक पाठक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एलएम पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष हेमा जोशी, मदन मोहन गहतोड़ी, मनोज तिवाड़ी आदि साथ थे।
कोरोना निर्देशों का उल्लंघन, निर्वाचन विभाग ने भेजा नोटिस
चंपावत। टिकट मिलने के जश्न में भाजपा चुनाव आयोग के कोरोना निर्देशों को भूल गई। चंपावत में हुए जश्न में भारी हुजूम जमा हुआ। इसे लेकर रिटर्निंग ऑफिसर हिमांशु कफल्टिया ने भाजपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 48 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है।
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2020 में पार्टी ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, इसे लेकर टिकट मिलने पर संशय के बादल मंडरा रहे थे। निर्माणाधीन टीजे रोड की निविदा में गड़बड़ी के आरोप के मामले को उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष ही नहीं विधानसभा में भी उठाया था। इस मामले में कई बार सरकार असहज तक हुई लेकिन 2019 के पंचायती चुनाव में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के साथ सभी तीनों ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों को जितवाने के बाद उनका कद बढ़ गया। पार्टी सूत्र बताते हैं कि टिकट कटने की दशा में 16 बड़े पंचायत प्रतिनिधि पार्टी छोड़ सकते थे। इसकी आहट लगने के बाद आलाकमान ने टिकट में फेरबदल नहीं किया। पूरन र्फ्त्याल को टिकट मिलने पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष मोहित पाठक, महेंद्र ढेक, नवीन बोहरा, एलएम जोशी, चंद्रशेखर बगौली, विजय बोहरा आदि खुशी जताई।
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विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का प्रोफाइल:
2002: लोहाघाट विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चौथे नंबर पर रहे।
2003: पाटी ब्लॉक से जिला पंचायत के लगातार दूसरी बार सदस्य बने लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में हारे 2012: पूर्व कैबिनेट मंत्री और चार बार विधायक रहे महेंद्र सिंह माहरा को बड़े अंतर से हरा लोहाघाट से विधायक बने।
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2017: नजदीकी मुकाबले में कांग्रेस को शिकस्त दे लोहाघाट से लगातार दूसरी बार विधायक बने।
चंपावत सीट पर भी बना इतिहास, पहली बार प्रत्याशी रिपीट
चंपावत। सारे अनुमान, अटकलें और आशंकाओं को धता बताते हुए भाजपा ने विधायक कैलाश गहतोड़ी पर लगातार दूसरी बार भरोसा जताया है। 2017 में 17360 वोटों से जीतने वाले गहतोड़ी को पार्टी ने सात अन्य दावेदारों पर तरजीह देते हुए चंपावत सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने इस सीट से पहली बार किसी प्रत्याशी को दूसरी बार टिकट दिया है।
पार्टी के भीतर कड़ी टक्कर मिलने के बावजूद जातीय समीकरण के अलावा भरपूर संसाधन ने उन्हें टिकट दिलाने में मदद की। मूल रूप से पाटी ब्लॉक से ताल्लुक रखने वाले गहतोड़ी स्वास्थगत कारणों से काफी समय क्षेत्र से दूर रहने और 2019 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर पंचायत और निकाय चुनाव में भाजपा की हार के बावजूद वे अपनी कुछ खूबियों के चलते प्रत्याशी बनने में सफल रहे। व्यवहार कुशलता, कोरोना काल में उनकी ओर से की गई लोगों की मदद और लोगों को दिया गया सहयोग उनके पक्ष में गया।
विधायक कैलाश गहतोड़ी का प्रोफाइल:
2002: लोहाघाट विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ पांचवें नंबर पर रहे।
2003: पाटी ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य बने।
2017:चंपावत सीट पर प्रदेश की तीसरी बड़ी जीत हासिल की।
टिकट मिलने पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
चंपावत/टनकपुर/बनबसा। भाजपा के टिकट के ऐलान के साथ ही चंपावत क्षेत्र में जश्न मना। कार्यकर्ताओं ने विधायक कैलाश गहतोड़ी को दूसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी जताते हुए फिर से रिकार्ड वोटों से जीतने का दावा किया। मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी के नेतृत्व में जश्न मनाने वालों में मुकेश महराना, कृष्णा जोशी, दीपक मुरारी सहित ढेरों लोग मौजूद थे। इससे पूर्व विधायक गहतोड़ी ने बनबसा और टनकपुर में पार्टी जिलाध्यक्ष दीपक पाठक और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मंत्रणा की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपक पाठक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एलएम पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष हेमा जोशी, मदन मोहन गहतोड़ी, मनोज तिवाड़ी आदि साथ थे।
कोरोना निर्देशों का उल्लंघन, निर्वाचन विभाग ने भेजा नोटिस
चंपावत। टिकट मिलने के जश्न में भाजपा चुनाव आयोग के कोरोना निर्देशों को भूल गई। चंपावत में हुए जश्न में भारी हुजूम जमा हुआ। इसे लेकर रिटर्निंग ऑफिसर हिमांशु कफल्टिया ने भाजपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 48 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है।