फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Lice stock will not be able to be kept in the forests, action will be taken

जंगलों में नहीं रख सकेंगे लीसे का स्टॉक, होगी कार्रवाई

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
Lice stock will not be able to be kept in the forests, action will be taken
प्रतीकात्मक।
चंपावत। जंगल को आग से बचाने के लिए अब वन विभाग ने जंगलों में लीसे का स्टॉक रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अब समय से चीड़ के जंगलों से लीसे को नजदीकी डिपो तक न पहुंचाने वाले लीसा ठेकेदारों (मेटों) को नोटिस भेजे जाएंगे।
विज्ञापन

चीड़ के जंगलों में लगने वाली आग के लिए चीड़ से निकलने वाला लीसा बड़ा कारण बनता है। ऐसे में वन विभाग की ओर से फायर सीजन से पहले ही जंगलों से लीसे का उठान कराया जाता है। इसके बाद भी चीड़ के जंगलों से निकाला गया लीसा समय से वन विभाग के डिपो तक नहीं पहुंच रहा है। इससे आग लगने की घटनाओं के बढ़ने के साथ ही लीसा तस्करी की आशंका भी बढ़ रही है। डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि विभाग की ओर से ऐसे संबंधित लीसा ठेकेदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिन्होंने जंगलों में लीसे का स्टॉक किया है और उसे समय से डिपो तक नहीं पहुंचाते हैं। देवीधुरा रेंज के रेंजर सुनील शर्मा ने बताया कि वन विभाग की ओर से अभियान चलाकर जंगलों में गश्त और जांच की जा रही है। इस दौरान किसी भी प्रकार से अवैध रूप से लीसे का प्रयोग मिलने पर संबंधित के खिलाफ लीसा अधिनियम 1976 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

कई वारदातों में चकमा देकर फरार हो चुके हैं आरोपी
चंपावत। वन विभाग की ओर से लीसा तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने संबंधी प्रयासों के बाद भी तस्करी की वारदातों में शामिल आरोपी विभाग के हत्थे नहीं चढ़ पा रहे हैं। विभिन्न रेंजों में हुई करीब आधा दर्जन से अधिक वारदातों में आरोपी उन्हें पकड़ने गई वन विभाग की टीम को चकमा देकर फरार हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed