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नवंबर माह तक बन जाएगी बहुप्रतीक्षित कोली ढेक झील
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लोहाघाट में तेजी से चल रहा है कोली ढेक झील का निर्माण।
- फोटो : CHAMPAWAT
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यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो नवंबर तक नगर के पास कोली ढेक में लोहावती नदी को बांधकर निर्माणाधीन झील अस्तित्व में आ जाएगी। झील बनने से क्षेत्र में पर्यटन विकास के नए युग का शुभारंभ हो जाएगा।
21 करोड़ 42 लाख 52 हजार रुपये की लागत से बन रही झील के लिए राज्य सरकार की ओर से समय पर धनराशि अवमुक्त किए जाने से निर्माण में गति आती जा रही है। अभी तक कार्यदायी संस्था सिंचाई निर्माण खंड को 12.80 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। विभाग ने झील स्थल में 1500 मीटर सड़क का निर्माण करने के साथ दीवार, स्क्रबर आदि कार्य किए जा चुके हैं। झील के खुदान का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
21 मीटर गहरी, डेढ़ किमी लंबी, औसतन 90 मीटर चौड़ी झील की जल भंडारण क्षमता साढ़े चार लाख घनमीटर है। झील बनने से क्षेत्र में पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ लोहाघाट नगर के लिए पेयजल सुविधा भी मिलने लगेगी। सहायक अभियंता नारायण राम के अनुसार झील के डूब क्षेत्र में आने से 710 लोगों में साढ़े तीन सौ को 4.59 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। अधिशासी अभियंता अमित उप्रेती का दावा है कि विभाग निर्धारित समय में झील का निर्माण कार्य पूरा कर लेगा।
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21 करोड़ 42 लाख 52 हजार रुपये की लागत से बन रही झील के लिए राज्य सरकार की ओर से समय पर धनराशि अवमुक्त किए जाने से निर्माण में गति आती जा रही है। अभी तक कार्यदायी संस्था सिंचाई निर्माण खंड को 12.80 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। विभाग ने झील स्थल में 1500 मीटर सड़क का निर्माण करने के साथ दीवार, स्क्रबर आदि कार्य किए जा चुके हैं। झील के खुदान का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
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21 मीटर गहरी, डेढ़ किमी लंबी, औसतन 90 मीटर चौड़ी झील की जल भंडारण क्षमता साढ़े चार लाख घनमीटर है। झील बनने से क्षेत्र में पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ लोहाघाट नगर के लिए पेयजल सुविधा भी मिलने लगेगी। सहायक अभियंता नारायण राम के अनुसार झील के डूब क्षेत्र में आने से 710 लोगों में साढ़े तीन सौ को 4.59 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। अधिशासी अभियंता अमित उप्रेती का दावा है कि विभाग निर्धारित समय में झील का निर्माण कार्य पूरा कर लेगा।
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