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कुमाऊं की वादियों में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 03 Jun 2015 10:58 PM IST
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मशहूर टीवी कामेडी शो आफिस आफिस के शुक्ला जी यानि सिने अभिनेता संजय मिश्रा का कहना है कि कुमाऊं की हसीन वादियों में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। बुधवार को पहली बार चंपावत जिला मुख्यालय पहुंचे संजय मिश्रा ने यहां फिल्म सिटी के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यहां हवाई सेवा का विस्तार किया जाए और कहानी की मांग हो तो कुमाऊं के सुंदर प्राकृतिक स्थलों को बेहतरीन शूटिंग स्थलों में तब्दील किया जा सकता है।
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लखनऊ में गांधीगिरी फिल्म की शूटिंग पूरी कर अपनी ससुराल डीडीहाट जाते समय संजय चंपावत में कुछ देर के लिए रुके। इस दौरान उन्होंने यहां छीणापानी में टी बोर्ड के चाय बागान का जायजा भी लिया। उनका कहना है कि अब भारतीय सिनेमा बेहतरीन होने के साथ हर रोज बदल रहा है। उनकी फिल्म मसान को फ्रांस के कान फेस्टिवल में बैस्ट फिल्म का अवार्ड मिल चुका है, जबकि फिल्मफेयर समारोह में आंखों देखी फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला है।
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पहाड़ के लोग पहचानते हैं अपना कल्चर
चंपावत। सिने अभिनेता का कहना है कि पहाड़ के लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत और कल्चर को अच्छी तरह से पहचानते हैं। महानगरों में किसी भी त्योहार और पर्व पर कुमाऊंनी और गढ़वाली संस्कृति अपनी अलग ही पहचान प्रदर्शित करती है।
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छोटा पर्दा दिन प्रतिदिन खो रहा है अहमियत
चंपावत। संजय मिश्रा का कहना है कि व्यावसायिकता के चलते छोटा पर्दा दिनोंदिन अपनी अहमियत खोता जा रहा है। कभी मालगुडी डेज, हम लोग, उड़ान जैसे टीवी धारावाहिक लोगों को छोटे पर्दे से जोड़ते थे, लेकिन आज सास बहू के सीरियल देखते ही माथा पीटने का मन करता है। छोटा पर्दा आज कौन सा भारतीय पक्ष दिखा रहा है यह उनकी समझ से परे है।