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यूएसए में उठा रहे चंपावत की चाय का लुत्फ

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 11:13 PM IST
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Kuamaun Tea
चंपावत में चाय के बागान में काम करतीं महिलाएं। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। महक और स्वाद के लिए मशहूर चंपावत की चाय सात समंदर पार भी खूब पसंद की जा रही है। यूएसए के एक संगठन ने कोरोना काल में भी यहां से बड़ी मात्रा में चाय (ग्रीन लीफ) खरीदी है। चाय के स्वाद ने जहां इसकी बिक्री में इजाफा किया है, वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
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यूएसए के यंग माउंटेन टी संस्था ने इस साल चंपावत से 1834 किलो चाय खरीदी। चाय विकास बोर्ड के चंपावत के प्रभारी डेसमंड बर्कबेक बताते हैं कि संस्था ने इसके लिए 10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया। संस्था के भारतीय मूल के प्रतिनिधि अधिराज बावले को पांच साल पहले चंपावत की जैविक चाय की जानकारी हुई। उन्होंने यहां के कई चाय बागानों का दौरा करने के बाद चाय खरीद का फैसला लिया। 2016 में 33 किलो चाय खरीद से संस्था ने शुरूआत की थी लेकिन आज 1834 किलो चाय खरीदी है और 1200 किलो चाय और खरीदने का आश्वासन भी दिया है। यूएसए में यहां की चाय की बढ़ती खपत को देखते हुए संस्था ने यह फैसला लिया है।
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कोरोना काल में भी दो जगह बने चाय बागान
चंपावत। ताजगी देने वाली चंपावत की चाय खास स्वाद के साथ जैविक होने की वजह से काफी सेहतमंद भी है। कोलकाता चाय बोर्ड की नीलामी के जरिये यह चाय वर्ष 2014 से दुनिया के कई देशों तक अपनी खुशबू बिखेर रही है। जिले के पहाड़ी हिस्से में 227 हेक्टेयर में चाय की खेती हो रही है। यहां 3100 किलो चाय का उत्पादन हो चुका है। कोरोना काल में भी दो नई जगह (मल्ला बापरु और कठनौली) करीब चार हेक्टेयर जमीन में चाय की खेती हुई है। जिले में चाय के बागानों को विकसित करने में हाथ बंटा रहीं 425 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिला है। वर्ष 2013 में चाय फैक्टरी लगने के बाद 2014 से यहां की चाय नियमित रूप से कोलकाता में होने वाली नीलामी में हिस्सा ले रही है।
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वर्ष 2014 से चंपावत की चाय नीलामी के जरिये विदेश तक पहुंचती थी, लेकिन यहां की चाय की खूबियों के चलते अब कई विदेशी सीधे भी चाय मंगा रहे हैं। यूएसए की यंग माउंटेन टी संस्था ने 1200 किलो और चाय की मांग की है। इससे पहले 1834 किलो चाय भेजी जा चुकी है। खास स्वाद और जैविक होने की वजह से यहां की चाय की विदेशों में मांग बढ़ रही है।
- डेसमंड बर्कबेक, प्रभारी, चाय विकास बोर्ड, चंपावत।
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