यादें: हमें सीएम दे गए...खुद कैंसर से लड़ते रहे, अमेरिका में भी कराया इलाज; सबको मुरीद बना लेते थे गहतोड़ी
Kailash Gahtori: पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी के निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र शोक में डूब गया। मध्य प्रदेश के इंदौर से सबसे पहले वह टनकपुर ही आए और यहां वेल्डिंग की दुकान से व्यवसायिक सफर शुरू किया था। वहीं जनता को विकास के लिए मुख्यमंत्री दे गए।
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पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी के निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र शोक में डूब गया। मध्य प्रदेश के इंदौर से सबसे पहले वह टनकपुर ही आए और यहां वेल्डिंग की दुकान से व्यवसायिक सफर शुरू किया था। जनसेवा करते करते-करते राजनीति में कदम रखे तो विधायक बन गए। करीब 25 वर्ष में जो भी उनसे मिला वह आज सन्न है। क्योंकि उनके बीच से उनका मददगार कैंसर से लड़ते-लड़ते चला गया और क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री दे गए।
फोन पर चचेरे भाई गिरीश गहतोड़ी ने बताया कि कैलाश दा मध्य प्रदेश के इंदौर से वर्ष 2000 में टनकपुर आए। तब वह उनके आवास पर ही रहे। यहां पहले वेल्डिंग की दुकान खोली। इसके कुछ समय बाद आयशर वाहन की एजेंसी ली। इसके बाद फर्नीचर का कारखाना भी खोला और बाद में राजनीति में सक्रिय हो गए। पूर्व मंडी अध्यक्ष हरीश भट्ट बोले, उनके पास से कोई गरीब खाली हाथ नहीं जाता था। अब विकास के लिए मुख्यमंत्री क्षेत्र दे गए।
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अमेरिका में भी कराया इलाज...
कैलाश गहतोड़ी कैंसर के इलाज के लिए अमेरिका भी गए। पिछले साल अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद चेन्नई में भी उनका उपचार चला। इस साल चेन्नई से इलाज कराकर लौटे थे लेकिन इतने संघर्ष के बाद भी मौत से जीत न पाए। एक पखवाड़ा पूर्व स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से देहरादून ले जाया गया था। वहां से वे नहीं लौट सके।
कैसा है मेरा बाबू...बोल सबको मुरीद बना लेते थे
कैलाश चंद्र गहतोड़ी के निधन से हर कोई स्तब्ध है। लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि चुनाव प्रचार और जनसंपर्क के दौरान हर किसी के साथ मिलने पर...कैसा है मेरा बाबू... कह कर सबको अपना मुरीद बना लेने वाले गहतोड़ी अब उनके बीच नहीं रहे।
हमेशा ही गरीब और जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग देने में आगे रहने वाले कैलाश दा गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह में दिल खोलकर मदद करते थे। वह न सिर्फ गरीब कन्याओं के विवाह के लिए आर्थिक सहयोग देते थे बल्कि विवाह के दौरान खाने पीने की सभी सामग्री भी कन्या पक्ष को उनकी ओर से ही उपलब्ध कराई जाती थी।