महाकाली की रथ यात्रा: सीएम ने वीडियो कॉल से किए देवी के दर्शन, खड़ी चढ़ाई पर भक्तों ने ऐसे की परिक्रमा
मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी वीडियो कॉल के जरिये मां झूमा देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दोपहर बाद लो सात हजार फीट की चढ़ाई पार करता हुआ मां भगवती का पहला डोला पाटन पाटनी से झूमाधुरी मंदिर पहुंचा।
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मां झूमाधुरी नंदाष्टमी मेले में पाटन पाटनी और रायकोट महर गांवों से मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राएं निकालीं गईं। बारिश के बावजूद श्रद्धालु नहीं हटे। हालांकि बारिश से मेले की रौनक पर जरूर असर पड़ा। श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। पाटन पाटनी और राइकोट महर गांवों के मंदिरों में रविवार सुबह विशेष पूजा-अर्चना हुई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वीडियो कॉल के जरिये मां झूमा देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर के पुजारी शेखरानंद पाटनी ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे मुख्यमंत्री ने मंदिर झूमा देवी में लाइव दर्शन कर क्षेत्र की जनता के साथ साथ प्रदेश के विकास के लिए मां से मंगल कामना की।
दोपहर बाद लोगों का रुख झूमाधुरी मंदिर की ओर होने लगा। सात हजार फीट की चढ़ाई पार करता हुआ मां भगवती का पहला डोला पाटन पाटनी से झूमाधुरी मंदिर पहुंचा। खाल तोक में पूजा-अर्चना के बाद सीधी खड़ी चढ़ाई में श्रद्धालुओं ने रस्सों के सहारे डोला रथ यात्रा को मंदिर की परिक्रमा कराई। चढ़ाई पार करते हुए राईकोट महर गांव से भी मां भगवती और महाकाली की रथ यात्रा झूमाधुरी मंदिर पहुंची। देवडांगरों ने भक्तों को चंवर झुलाकर आशीर्वाद दिया। दोनों रथों के पीछे महिलाएं मंगलगान गाते हुए चल रहीं थीं।
मंदिर में रातभर हुए भजन-कीर्तन
मंदिर परिसर में रथों की परिक्रमा के बाद पूरा मंदिर प्रांगण श्रद्धालुओं से भर गया। जिला पंचायत के पूर्व सदस्य सचिन जोशी ने प्याऊ लगाया। तीन दिनी झूमाधुरी मेले के समापन पर रथ यात्राओं के विसर्जन के बाद प्रसाद बांटा गया। वहां मेला समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी, प्रकाश बोहरा, बाबा आदित्यदास, सुभाष विश्वकर्मा, शशांक पांडेय, कमल कुलेठा, हेम पाटनी, गंगा सिंह पाटनी आदि थे।
पाटन पाटनी और राइकोट महर गांव में सोमवार रात जागरण हुआ। लोक देवताओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीष दिया। मां झूमादेवी मंदिर में महिलाओं ने जागरण किया। मान्यता है कि झूमाधुरी मंदिर में सच्चे मन से मां की आराधना करने वाली निसंतान महिलाओं की गोद भर जाती है। इसलिए महिलाओं ने हाथों में दीपक लेकर पूजा-अर्चना की।
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झालीमाली मेले में उमड़े श्रद्धालु
चंपावत। फूंगर के झालीमाली मंदिर में लगे मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। घटोत्कच महोत्सव समिति की ओर से रविवार को आयोजित झालीमाली मेले में पूजा-अर्चना हुई। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत और झोड़ा गायन किया। मध्य हिमालय क्षेत्र में झालीमाली देवी को हिमालय की देवी का रूप माना जाता है। पंडित हरीश पांडेय ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। मुख्य यजमान त्रिलोक बोहरा, मनमोहन बोहरा, शंकर बोहरा रहे। आयोजन में घटोत्कच मेला समिति के उपाध्यक्ष शंकर बोहरा, राकेश बोहरा, बलवंत धामी, गिरीश महर, इंदुवर जोशी, नीरज जोशी, गणेश महर, मदन सामंत आदि ने सहयोग दिया।