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अनुमति खत्म होने के बाद जेसीबी से खनन कराना पड़ा महंगा
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लोहाघाट में प्रशासन द्वारा सीज की गई जेसीबी।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। नाप भूमि के समतलीकरण के लिए ली गई खनन की अनुमति अवधि बीतने के तीन माह बाद खनन करवाना राइकोट महर गांव के एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। प्रशासन ने खनन पर रोक लगा खनन में लगी दो जेसीबी जब्त कर दी। खननकर्ता पर 5.64 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। 11 नवंबर तक जुर्माने की राशि जमा न होने पर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि राइकोट महर निवासी प्रहलाद राम को अपनी नाप भूमि के समतलीकरण के लिए प्रशासन की ओर से 14 से 24 जून तक कुछ शर्तों के साथ जेसीबी के जरिये खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसने अनुमति की तिथि तक काम पूरा नहीं किया। इसलिए आजकल वह बिना नंबर प्लेट की दो जेसीबी से अवैध खनन करवा रहा था।
इसलिए प्रशासन ने दोनों जेसीबी को खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957, एमवी एक्ट के तहत जब्त कर दिया। दोनों जेसीबी का चेचिस नंबर लेकर एआरटीओ से इनके मालिकों का नाम, पता बताने के लिए पत्र भेजा गया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम विनीत तोमर ने प्रहलाद राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसका संतोषजनक उत्तर न मिलने और अनुमति की तिथि के बाद अवैध खनन करवाने का दोषी पाया गया।
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एसडीएम ने बताया कि डीएम ने आरोपी प्रहलाद राम पर 5.64 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। आरोपी को जुर्माने की राशि 18 अक्तूबर तक जमा करनी थी, जिसे आरोपी नेजुर्माना जमा नहीं किया। एसडीएम ने बताया कि 11 नवंबर तक अर्थदंड की पूरी राशि जमा न करने पर आरोपी को बकाएदार घोषित करते हुए भू राजस्व के बकाए की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के कार्यों की हो रही सराहना
लोहाघाट (चंपावत)। राइकोट महर में खनन में लगी दोनों जेसीबी कद्दावर नेताओं की होने की चर्चा है। बताया जा रहा है दोनों जेसीबी को छुड़ाने के लिए इन नेताओं ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन ईमानदार छवि के एसडीएम केएन गोस्वामी के आगे उनकी एक न चली। इस कारण आरोपी नेता बौखला गए हैं। उन्हें एसडीएम की कार्यप्रणाली रास नहीं आ रही है लेकिन जनता एसडीएम के कार्यों को सराहना कर रही है।
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एसडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि राइकोट महर निवासी प्रहलाद राम को अपनी नाप भूमि के समतलीकरण के लिए प्रशासन की ओर से 14 से 24 जून तक कुछ शर्तों के साथ जेसीबी के जरिये खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसने अनुमति की तिथि तक काम पूरा नहीं किया। इसलिए आजकल वह बिना नंबर प्लेट की दो जेसीबी से अवैध खनन करवा रहा था।
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इसलिए प्रशासन ने दोनों जेसीबी को खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957, एमवी एक्ट के तहत जब्त कर दिया। दोनों जेसीबी का चेचिस नंबर लेकर एआरटीओ से इनके मालिकों का नाम, पता बताने के लिए पत्र भेजा गया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम विनीत तोमर ने प्रहलाद राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसका संतोषजनक उत्तर न मिलने और अनुमति की तिथि के बाद अवैध खनन करवाने का दोषी पाया गया।
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एसडीएम ने बताया कि डीएम ने आरोपी प्रहलाद राम पर 5.64 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। आरोपी को जुर्माने की राशि 18 अक्तूबर तक जमा करनी थी, जिसे आरोपी नेजुर्माना जमा नहीं किया। एसडीएम ने बताया कि 11 नवंबर तक अर्थदंड की पूरी राशि जमा न करने पर आरोपी को बकाएदार घोषित करते हुए भू राजस्व के बकाए की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के कार्यों की हो रही सराहना
लोहाघाट (चंपावत)। राइकोट महर में खनन में लगी दोनों जेसीबी कद्दावर नेताओं की होने की चर्चा है। बताया जा रहा है दोनों जेसीबी को छुड़ाने के लिए इन नेताओं ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन ईमानदार छवि के एसडीएम केएन गोस्वामी के आगे उनकी एक न चली। इस कारण आरोपी नेता बौखला गए हैं। उन्हें एसडीएम की कार्यप्रणाली रास नहीं आ रही है लेकिन जनता एसडीएम के कार्यों को सराहना कर रही है।