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जल्द परिजनों से मिलेंगे जहरखुरानी के शिकार नेपाली बच्चे
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Jaharkhurani Case in Kumaun
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बनबसा (चंपावत)। हल्द्वानी में जहरखुरानी का शिकार हुए दो नेपाली किशोरों को उनके घर नेपाल भेजा जाएगा। उन्हें बनबसा स्थित रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में रखा गया है। संस्था के कार्यकर्ताओं ने किशोरों के परिजनों को सूचना दे दी है। जल्द ही परिजन बच्चों को ले जाएंगे।
रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन हल्द्वानी को 29 मार्च को जहरखुरानी के शिकार दो किशोर मिले थे। हालत खराब होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन और हल्द्वानी की धरोहर संस्था ने बच्चों को होश आने पर उनका नाम-पता पूछा। पता चला कि इनमें से एक किशोर 13 और दूसरा 15 वर्षीय है।
बाद में बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) नैनीताल के माध्यम से दोनों बच्चों को बनबसा के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में भिजवा दिया गया। संस्था के समन्वयक जनक चंद, विनीता रजवार, सरोज चंद, प्रकाश चंद्र, मीरा रावत ने बच्चों से घर का पता पूछा। इसके बाद प्रकाश चंद्र, मीरा रावत ने नेपाल जाकर बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने कहा कि जल्द ही बनबसा आकर वह बच्चों को ले जाएंगे।
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रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन हल्द्वानी को 29 मार्च को जहरखुरानी के शिकार दो किशोर मिले थे। हालत खराब होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन और हल्द्वानी की धरोहर संस्था ने बच्चों को होश आने पर उनका नाम-पता पूछा। पता चला कि इनमें से एक किशोर 13 और दूसरा 15 वर्षीय है।
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बाद में बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) नैनीताल के माध्यम से दोनों बच्चों को बनबसा के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में भिजवा दिया गया। संस्था के समन्वयक जनक चंद, विनीता रजवार, सरोज चंद, प्रकाश चंद्र, मीरा रावत ने बच्चों से घर का पता पूछा। इसके बाद प्रकाश चंद्र, मीरा रावत ने नेपाल जाकर बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने कहा कि जल्द ही बनबसा आकर वह बच्चों को ले जाएंगे।
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