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अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग वोटर
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 15 Sep 2015 10:28 PM IST
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एक से अधिक स्थान पर वोटरों को हटाने की तैयारी के बावजूद जिले के मतदाताओं की संख्या में 10862 का अंतर है। पंचायत एवं नगर निकाय के वोटर और विधानसभा चुनाव के मतदाताओं में ये अंतर है, जबकि ये संख्या समान होनी चाहिए थी। ये अंतर न केवल लोकतंत्र की सेहत पर सवाल उठाता है, बल्कि वोटरों के असल मिजाज पर भी भारी पड़ सकता है।
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यहां पंचायत-निकाय तथा विधानसभा चुनावों के लिए बनी वोटर लिस्ट में 10862 का फर्क है। जून में हुए त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में 195433 वोटर थे, जबकि विधानसभा के लिए बनी वोटर लिस्ट में अभी 184571 मतदाता है। इन सभी चुनावों में मतदाता होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 साल है, बावजूद इसके वोटरों का ग्राफ एक जैसा नहीं रहा। लोकसभा या विधानसभा चुनाव में मतदाता घट रहे हैं, जबकि निकाय और पंचायती चुनावों में वोटरों की तादाद छलांग मार रही है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त वोटरों की तादाद का ये अंतर 10862 है। अलग-अलग मिजाज के चुनावों में वोटरों की संख्या में अप्रत्याशित बदलाव सवाल ही नहीं चुनौती भी हैं।
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दो जगह नाम लिखाने से हो रही विसंगति
निर्वाचन विभाग का कहना है कि ये अंतर ऐसे वोटरों की वजह से हैं, जो गांव और शहर दोनों स्थानों पर रहते हैं। साथ ही दोनों जगह अपना नाम भी मतदाता सूची में दर्ज करा लेते हैं। मतदाता सूची में ये गड़बड़ी ईमानदार वोटर के साथ मजाक और चुनाव नतीजे को भी प्रभावित करता है।
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जिले में 1189 डुप्लीकेट वोटर
विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में जिले में 1189 मतदाता एक से अधिक स्थान पर दर्ज हैं। यानि ये वोटर डुप्लीकेट हैं। इस आशय की सूचना निर्वाचन विभाग को भेजी गई है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आरसी आर्या ने बताया कि देहरादून के सॉफ्टवेयर से चंपावत जिले के 79674 मतदाता डुप्लीकेट मिले। इन वोटरों के नाम, पते, फोटो, इपिक नंबरों का मिलान कर जिले ने वोटर सूची जांची, जिसके बाद 1189 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बूथ लेवल अफसर और राजस्व उप निरीक्षक के माध्यम से एक नाम के दो वोटरों को नोटिस भेजे गए, जिसमें इन वोटरों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन नोटिस और 22 अगस्त को अपील का तीन दिन का वक्त देने के बावजूद एक भी वोटर ने अपना पक्ष नहीं रखा। विभागीय जांच में अब तक बाराकोट में 25 वोटर दो जगह, चंपावत में 87 और लोहाघाट में 164 मतदाता दो स्थानों में दर्ज मिले। पाटी के डुप्लीकेट मतदाताओं का परीक्षण चल रहा है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत एक से अधिक जगह पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर एक साल की सजा अथवा जुर्माना या दोनों सजाएं संभव है।
-आरसी आर्या, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, चंपावत।