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एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल कर्मियों का बेमियादी कार्य बहिष्कार शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 12:26 AM IST
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Indefinite work boycott of educational ministerial personnel started
चंपावत शिक्षा भवन परिसर में कार्य बहिष्कार करते एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल आफीसर्स एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों ने सोमवार से शिक्षा भवन परिसर में बेमियादी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
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एसोसिएशन के महामंत्री जीवन ओली का कहना है कि सीईओ ने समस्याओं के समाधान के लिए संगठन के पदाधिकारियों को बीती 23 जुलाई को 11 बजे का समय दिया था लेकिन तय समय पर पदाधिकारियों से मिलने से उन्होंने मना कर दिया। महामंत्री ने चहेतों को पटल बांटने में मनमानी करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों को लेकर संगठन ने कार्य बहिष्कार किया है।
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उन्होंने शीघ्र उत्पीड़न रोकने, पटल बांटने में न्याय करने और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक करने की मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार करने की बात कही। इधर, कर्मियों के कार्य बहिष्कार की वजह से कार्यालय में शैलेश मटियानी पुरस्कार के आवेदनों का परीक्षण नहीं हो सका। इस पुरस्कार के लिए जिले से चार शिक्षकों ने आवेदन किया है। इसके अलावा नियोजन से संबंधित पत्रावली पर काम भी नहीं हो सका।
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कार्य बहिष्कार में ये कर्मी रहे शामिल
चंपावत। कार्य बहिष्कार में एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मिंटू सिंह राणा, महामंत्री प्रकाश तड़ागी, नगेंद्र जोशी, वीरेंद्र मेहता, नंदन परिहार, जीवन ओली, राजेंद्र भट्ट, विनोद कुमार, भूपेंद्र सिंह देव, महेंद्र जीना, नितिन टंडन, संध्या पांडेय, मालविका पंत, मंजू मेहता, संतोष कुमारी आदि शामिल रहे। संवाद

कर्मियों के उत्पीड़न के आरोप सरासर गलत हैं। शिक्षा विभाग के कर्मियों और शिक्षकों की समस्याओं के प्रति वह खुद संवेदनशील हैं। किसी भी तरह की समस्या के निदान के लिए वार्ता का अगस्त से रोस्टर जारी किया है। मैंने मिनिस्टीरियल एसोसिएशन को सोमवार शाम चार बजे वार्ता का प्रस्ताव दिया था लेकिन एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कार्य बहिष्कार खत्म किए बगैर वार्ता संभव नहीं है।
जितेंद्र सक्सेना, सीईओ, चंपावत।
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