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बढ़ा पेयजल संकट
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 07 May 2016 10:44 PM IST
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बढ़ा पेयजल संकट
- फोटो : अमर उजाला
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विभागीय दावों के विपरीत कुछ लोग अब भी टुल्लू पंप का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे कई लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
जिला मुख्यालय में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से लेकर जेई ही नहीं, जिले के सबसे बड़े अफसर डीएम तक बैठते हैं, लेकिन यहां न विभाग और न ही जिला प्रशासन टुल्लू पंप के प्रयोग को रोक पा रहा है। जिले में टुल्लू पंप लगाकर पानी भरने वालों की तो बल्ले-बल्ले है पर जो लोग पानी के लिए टुल्लू पंप का इस्तेमाल नहीं करते है वह दिन भर पानी के लिए भटक रहे हैं।
अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि मेन लाइन में टुल्लू पंप का इस्तेमाल गैर कानूनी है। इसका उपयोग करने वालों के पानी का कनेक्शन तक काटा जा सकता है। ईई का कहना है कि बिजली विभाग को पानी सप्लाई के वक्त संबंधित इलाके में पावर कट करने का आग्रह किया गया था, लेकिन तकनीकी तौर पर यह मुमकिन नहीं होने की दलील देते हुए बिजली विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। शनिवार को जूनियर इंजीनियर एसएस थापा ने टुल्लू पंप को लेकर कई जगह मुआयना तो किया, मगर इस पर रोक नहीं लगवा सके।
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जिला मुख्यालय में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से लेकर जेई ही नहीं, जिले के सबसे बड़े अफसर डीएम तक बैठते हैं, लेकिन यहां न विभाग और न ही जिला प्रशासन टुल्लू पंप के प्रयोग को रोक पा रहा है। जिले में टुल्लू पंप लगाकर पानी भरने वालों की तो बल्ले-बल्ले है पर जो लोग पानी के लिए टुल्लू पंप का इस्तेमाल नहीं करते है वह दिन भर पानी के लिए भटक रहे हैं।
अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि मेन लाइन में टुल्लू पंप का इस्तेमाल गैर कानूनी है। इसका उपयोग करने वालों के पानी का कनेक्शन तक काटा जा सकता है। ईई का कहना है कि बिजली विभाग को पानी सप्लाई के वक्त संबंधित इलाके में पावर कट करने का आग्रह किया गया था, लेकिन तकनीकी तौर पर यह मुमकिन नहीं होने की दलील देते हुए बिजली विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। शनिवार को जूनियर इंजीनियर एसएस थापा ने टुल्लू पंप को लेकर कई जगह मुआयना तो किया, मगर इस पर रोक नहीं लगवा सके।
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