{"_id":"7ed5180b73d13e496fbf9d9c94883cd2","slug":"i-licked-threat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं लगे चिन्हित स्थानों पर साइनबोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं लगे चिन्हित स्थानों पर साइनबोर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 20 Dec 2015 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कड़ाके की ठंड के बीच सुबह-सुबह चौतरफा पाले से खेत से लेकर सड़त तक सफेदी छाई है। पाले की वजह से रोड में आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। तीन दिन पूर्व चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग में पाले के चलते एक जीप पलट गई थी। बावजूद इसके पाले से बचाव के सरकारी इंतजाम बेहद लचर हैं। पाला संभावित खतरनाक स्थानों में से ज्यादातर में चेतावनी देने वाला कोई साइनबोर्ड भी नहीं है।
विज्ञापन
10 दिसंबर को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पालाग्रस्त सड़क के चिन्हीकरण के साथ एक सप्ताह के भीतर साइनबोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया था। मगर आदेश के दस दिन बाद भी अधिकतर पाला संभावित स्थानों पर चेतावनी देने वाले साइनबोर्ड नहीं लगे हैं। चंपावत से खेतीखान को जाने वाला मोटर मार्ग में कम से कम तीन स्थानों पर खतरनाक पाला पड़ता है। बावजूद इसके यहां पर एकमात्र साइनबोर्ड लगा है।
विज्ञापन
इसी तरह चंपावत-मंच-तामली रोड के खतरनाक स्थानों की अनदेखी की गई है। वहीं टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में 9 खतरनाक स्थान पर भी साइनबोर्ड नहीं लगे हैं। उधर प्रशासन का कहना है कि कुछ जगह साइनबोर्ड लगाए जा चुके हैं। शेष स्थानों पर भी जल्द ही साइनबोर्ड लगा दिए जाएंगे।
विज्ञापन