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इनपुट:चंपावत जिले में पांच अस्पतालों में डॉक्टर नहीं
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Hospital
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चंपावत जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवा खस्ताहाल है। जिले में छोटे-बड़े कुल 23 सरकारी अस्पताल हैं लेकिन पांच अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं है। वहीं जिले में गायनाकोलोजिस्ट नहीं होने से गर्भवती और अन्य महिलाओं को भी समस्या हो रही है। इलाज तो दूर एकमात्र जिला अस्पताल को छोड़ किसी भी सरकारी अस्पताल में एक्सरे की भी सुविधा नहीं है।
चंपावत जिले की 2.60 लाख की आबादी में जिला अस्पताल के अलावा एक-एक संयुक्त अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 15 राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी व अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में से पांच में एक भी डॉक्टर नहीं है। बनबसा और खेतीखान में दूसरे अस्पतालों से एक-एक डॉक्टर को संबद्ध किया है। वहीं जिला अस्पताल को छोड़ कहीं भी एलएमओ नहीं है।
चंपावत जिले के डॉक्टरविहीन पांच अस्पताल:
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र: रीठा साहिब व बनबसा।
राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी: टांण, सिप्टी, खेतीखान।
अप्रैल से बंद है केकेएस
चंपावत। जिले में तीन (चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर) खुशियों की सवारी (केकेएस) हैं लेकिन ये सभी अप्रैल से बंद हैं। केकेएस को लेकर अभी प्रदेश स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक भास्कर शर्मा ने बताया कि जिले की सभी पांचों (चंपावत, लोहाघाट, पाटी, रीठा साहिब और टनकपुर) 108 एंबुलेंस काम कर रही हैं।
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चंपावत जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 93 पदों में से कुल नियमित और बांडधारी 61 चिकित्सक हैं। डॉक्टरविहीन अस्पताल में चिकित्सक देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट की खराब एक्सरे मशीन को बदलवाया जा रहा है। डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
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चंपावत जिले की 2.60 लाख की आबादी में जिला अस्पताल के अलावा एक-एक संयुक्त अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 15 राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी व अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में से पांच में एक भी डॉक्टर नहीं है। बनबसा और खेतीखान में दूसरे अस्पतालों से एक-एक डॉक्टर को संबद्ध किया है। वहीं जिला अस्पताल को छोड़ कहीं भी एलएमओ नहीं है।
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चंपावत जिले के डॉक्टरविहीन पांच अस्पताल:
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र: रीठा साहिब व बनबसा।
राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी: टांण, सिप्टी, खेतीखान।
अप्रैल से बंद है केकेएस
चंपावत। जिले में तीन (चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर) खुशियों की सवारी (केकेएस) हैं लेकिन ये सभी अप्रैल से बंद हैं। केकेएस को लेकर अभी प्रदेश स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक भास्कर शर्मा ने बताया कि जिले की सभी पांचों (चंपावत, लोहाघाट, पाटी, रीठा साहिब और टनकपुर) 108 एंबुलेंस काम कर रही हैं।
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चंपावत जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत 93 पदों में से कुल नियमित और बांडधारी 61 चिकित्सक हैं। डॉक्टरविहीन अस्पताल में चिकित्सक देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट की खराब एक्सरे मशीन को बदलवाया जा रहा है। डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।