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बुजुर्ग कैप्टन करम सिंह सामंत का हुआ सम्मान
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बडगाम के योद्घा वीर चक्र प्राप्त लोहाघाट के कैप्टेन करम सिंह सामंत को 16 कुमाऊं मैनईटर्स बटालियन ?
- फोटो : LOHAGHAT
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16 कुमाऊं मैनइटर्स बटालियन पिथौरागढ़ की ओर से बडगाम की ऐतिहासिक लड़ाई की वर्षगांठ के मौके पर बडगाम के यौद्धा वीरचक्र विजेता लोहाघाट के कैप्टन करम सिंह सामंत (96) को सम्मानित किया गया। इस दौरान सैन्य अधिकारियों ने कैप्टन सामंत और उनके परिजनों की समस्याएं सुनीं।
रविवार को 16 कुमाऊं मैनइटर्स बटालियन पिथौरागढ़ के कर्नल विक्रम सदहोत्रा के दिशा-निर्देशन में लोहाघाट आए सूबेदार चंदर सिंह और हवलदार रमेश चंद्रा ने बटालियन की ओर से कैप्टन सामंत को उनके घर जाकर वाहिनी की ओर से सम्मानित किया।
इस दौरान कैप्टन सामंत ने 1947 में हुए बडगाम युद्ध के अनुभव सुनाए। कहा कि 16 कुमाऊं मैनइटर्स बटालियन के वीर जवानों ने अपनी जांबाजी से बडगाम युद्ध में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सेना से 1970 में रिटायर हुए कैप्टन सामंत ने कहा कि समय-समय पर 16 कुमाऊं बटालियन की ओर से उनकी सुध लिए जाने से उन्हें काफी खुशी होती है।
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कैप्टन सामंत ने सैनिकों को हर मोर्चे पर देश की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ मुस्तैद रहने का संदेश दिया। इस मौके पर कैप्टन सामंत की बहू जानकी देवी, पोते सुशील सिंह, सुमित, मदन, पौत्री मनीषा मौजूद थीं।
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रविवार को 16 कुमाऊं मैनइटर्स बटालियन पिथौरागढ़ के कर्नल विक्रम सदहोत्रा के दिशा-निर्देशन में लोहाघाट आए सूबेदार चंदर सिंह और हवलदार रमेश चंद्रा ने बटालियन की ओर से कैप्टन सामंत को उनके घर जाकर वाहिनी की ओर से सम्मानित किया।
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इस दौरान कैप्टन सामंत ने 1947 में हुए बडगाम युद्ध के अनुभव सुनाए। कहा कि 16 कुमाऊं मैनइटर्स बटालियन के वीर जवानों ने अपनी जांबाजी से बडगाम युद्ध में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सेना से 1970 में रिटायर हुए कैप्टन सामंत ने कहा कि समय-समय पर 16 कुमाऊं बटालियन की ओर से उनकी सुध लिए जाने से उन्हें काफी खुशी होती है।
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कैप्टन सामंत ने सैनिकों को हर मोर्चे पर देश की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ मुस्तैद रहने का संदेश दिया। इस मौके पर कैप्टन सामंत की बहू जानकी देवी, पोते सुशील सिंह, सुमित, मदन, पौत्री मनीषा मौजूद थीं।