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गाओ सुहागिन होली, फागुन ऋतु शुभ अलबेली...
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पाटी में मस्टा मंडली की बैठकी होली में शामिल होल्यार।
- फोटो : CHAMPAWAT
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पाटी (चंपावत)। यहां मस्टा संगीत कला समिति की साप्ताहिक होली का आयोजन समिति के सचिव एमसी भट्ट के आवास पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पुनेठा ने किया। सामूहिक गणेश वंदना प्रथम सुमिर श्री गणेश, गौरी सुत प्रिय महेश के पश्चात बैठकी होली के फनकार सीएम मौनी ने राग धमार में डमर ढप बाजन लागो री, बृजमोहन के द्वार से शुरुआत की।
इसके बाद संगीताचार्य केसी भट्ट ने राग यमन में सैयां नहीं घर, अकेले न खेलूंगी होली से नायिका के विरह का वर्णन किया। प्रदीप पचौली ने राग काफी में रेशमी अंगिया मोरी, श्याम हाथ न लगाओ की प्रस्तुति दी। इसके बाद पंकज पचौली ने राग काफी में गाओ सुहागिन होली, फागुन ऋतु शुभ अलबेली की प्रस्तुति दी, जबकि सौरभ अवस्थी ने राग सुहाना में आज पिया के गरवा लगूंगी, कलंक लगै सो लगेरी और एमसी भट्ट ने राग विहाग में आवागमन लागी डोरी, हमारे प्रभु को खेलें ऐसी होली गीत पेश किया।
उसके बाद विकास पचौली ने राग जंगला काफी में अब सांझ भई घर आओ लला, मुरली ना बजाओ बिहारी, सीएस मौनी ने राज जैजैवंती में ऐसो अनाड़ी, होली खेलन न जाने से महफिल का समापन किया। तबले पर योगेश पचौली, प्रियांश विशाल ने संगत दी जबकि रवीश पचौली, नरेश गहतोड़ी, एमएन पचौली सहित कई होल्यार मौजूद रहे।
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इसके बाद संगीताचार्य केसी भट्ट ने राग यमन में सैयां नहीं घर, अकेले न खेलूंगी होली से नायिका के विरह का वर्णन किया। प्रदीप पचौली ने राग काफी में रेशमी अंगिया मोरी, श्याम हाथ न लगाओ की प्रस्तुति दी। इसके बाद पंकज पचौली ने राग काफी में गाओ सुहागिन होली, फागुन ऋतु शुभ अलबेली की प्रस्तुति दी, जबकि सौरभ अवस्थी ने राग सुहाना में आज पिया के गरवा लगूंगी, कलंक लगै सो लगेरी और एमसी भट्ट ने राग विहाग में आवागमन लागी डोरी, हमारे प्रभु को खेलें ऐसी होली गीत पेश किया।
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उसके बाद विकास पचौली ने राग जंगला काफी में अब सांझ भई घर आओ लला, मुरली ना बजाओ बिहारी, सीएस मौनी ने राज जैजैवंती में ऐसो अनाड़ी, होली खेलन न जाने से महफिल का समापन किया। तबले पर योगेश पचौली, प्रियांश विशाल ने संगत दी जबकि रवीश पचौली, नरेश गहतोड़ी, एमएन पचौली सहित कई होल्यार मौजूद रहे।
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