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गोरलचौड़ में लगे हरेला मेले में उमड़ी भारी भीड़
अमर उजाला /ब्यूरो चंपावत।
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:40 PM IST
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चंपावत के हरेले मेले में खरीददारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय के गोरलचौड़ मैदान में आयोजित किए गए हरेला मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से मौसम खुशनुमा होने के चलते खरीददारों की उमड़ी भीड़ को लेकर बाहरी क्षेत्रों से आए दुकानदारों के चेहरे खिले रहे। बताते चलें कि पहले हरेला मेला मुख्य मोटर स्टेशन में आयोजित किया जाता था।
लेकिन मोटर स्टेशन में भीड़ बढ़ने कारण बीते कुछ सालों से यह गोरलचौड़ मैदान में आयोजित किया जाने लगा है। सोमवार को मेले को लेकर पुलिस की ओर से बाजार में वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया था। कोतवाल सलाउद्दीन खान ने बताया कि लोहाघाट से आने वाले वाहनों को जीआईसी चौक से पुलिस लाइन होते हुए निकाला गया। मेले में काशीपुर, ऊधमसिंह नगर, बरेली, बहेड़ी, लखीमपुर खीरी, बदांयू, पीलीभीत आदि स्थानों से व्यापारी पहुंचे हुए थे।
जलेबी बनी हरेला मेले की पहचान
चंपावत। जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले हरेला मेले की पहचान जलेबी मेले के रूप में होने लगी है। मेले के दौरान हर तीसरी दुकान जलेबी की लगती है। मेले में जलेबी की काफी बिक्री होती है। स्थानीय दुकानदारों के अलावा बाहरी क्षेत्रों से आने वाले दुकानदार भी जलेबी को खास तवज्जो देते हैं। पहले इस मेले में जिले के घाटी वाले क्षेत्रों में उत्पादित होने वाले आम और केलों की बिक्री होती थी। अब इस मेले में स्थानीय उत्पाद नहीं दिखते हैं।
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दुबचौड़ा के हरेला महोत्सव में उमड़े सैकड़ों ग्रामीण
चंपावत। दूरस्थ गांव दुबचौड़ा गांव के लधौली हनुमान मंदिर में हुए 20वें हरेले महोत्सव में आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शिरकत की। हनुमान मंदिर से निकली झांकी में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रतिभाग किया। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने मेले का शुभारंभ किया। भैरव राय एंड पार्टी के कलाकारों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, समाज में महिला सुरक्षा सहित अन्य ज्ञानवर्द्धक नाटक प्रस्तुत किए। मेले में महोत्सव समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, महेश भट्ट, ग्राम प्रधान सुरेश सिंह, अशोक बिष्ट, हरीश मथेला, महेश पंगरिया, सुरेश सिंह, प्रेम बिष्ट, खुशाल सिंह बोहरा, दिवान सिंह, श्याम सिंह, नारायण सिंह, हरीश मिश्रा, किशोर बिष्ट, नारायण सिंह आदि ने सहयोग किया।
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लेकिन मोटर स्टेशन में भीड़ बढ़ने कारण बीते कुछ सालों से यह गोरलचौड़ मैदान में आयोजित किया जाने लगा है। सोमवार को मेले को लेकर पुलिस की ओर से बाजार में वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया था। कोतवाल सलाउद्दीन खान ने बताया कि लोहाघाट से आने वाले वाहनों को जीआईसी चौक से पुलिस लाइन होते हुए निकाला गया। मेले में काशीपुर, ऊधमसिंह नगर, बरेली, बहेड़ी, लखीमपुर खीरी, बदांयू, पीलीभीत आदि स्थानों से व्यापारी पहुंचे हुए थे।
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जलेबी बनी हरेला मेले की पहचान
चंपावत। जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले हरेला मेले की पहचान जलेबी मेले के रूप में होने लगी है। मेले के दौरान हर तीसरी दुकान जलेबी की लगती है। मेले में जलेबी की काफी बिक्री होती है। स्थानीय दुकानदारों के अलावा बाहरी क्षेत्रों से आने वाले दुकानदार भी जलेबी को खास तवज्जो देते हैं। पहले इस मेले में जिले के घाटी वाले क्षेत्रों में उत्पादित होने वाले आम और केलों की बिक्री होती थी। अब इस मेले में स्थानीय उत्पाद नहीं दिखते हैं।
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दुबचौड़ा के हरेला महोत्सव में उमड़े सैकड़ों ग्रामीण
चंपावत। दूरस्थ गांव दुबचौड़ा गांव के लधौली हनुमान मंदिर में हुए 20वें हरेले महोत्सव में आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शिरकत की। हनुमान मंदिर से निकली झांकी में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रतिभाग किया। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने मेले का शुभारंभ किया। भैरव राय एंड पार्टी के कलाकारों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, समाज में महिला सुरक्षा सहित अन्य ज्ञानवर्द्धक नाटक प्रस्तुत किए। मेले में महोत्सव समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, महेश भट्ट, ग्राम प्रधान सुरेश सिंह, अशोक बिष्ट, हरीश मथेला, महेश पंगरिया, सुरेश सिंह, प्रेम बिष्ट, खुशाल सिंह बोहरा, दिवान सिंह, श्याम सिंह, नारायण सिंह, हरीश मिश्रा, किशोर बिष्ट, नारायण सिंह आदि ने सहयोग किया।