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झाड़ियों से ढक गया हैंडपंप
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Sat, 27 May 2017 11:20 PM IST
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हैंडपंप
- फोटो : अमर उजाला
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पानी की किल्लत वाली जगहों पर हैंडपंप पेयजल संकट का बड़ा सहारा है, लेकिन कई जगह हैंडपंपों की दुर्दशा हो रही है। मूलाकोट के नजदीक एक आबादी विहीन क्षेत्र में लगा हैंडपंप लोगों के लिए किसी का काम नहीं है। अब ये हैंडपंप झाड़ियों से घिर गया है। लंबे समय से हैंडपंप का उपयोग नहीं होने से इसका हत्था भी चलने लायक हाल में नहीं है।
चंपावत जिले में कुल 750 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से करीब दस प्रतिशत से खामियों की वजह से पानी नहीं निकल रहा है। लोगों का कहना है कि बचे 675 हैंडपंपों में से भी कुछ ऐसे ही जिनमें हत्थे को चलाने में दिक्कतें, कम पानी निकलना, साफ पानी के बजाय लाल रंग का पानी निकलने जैसी दिक्कतें हैं। मगर इनका निराकरण नहीं किया जा सका है। पुलहिंडोला, गुमदेश, तल्लादेश सहित जिले के कई हिस्सों में हैंडपंप खराब है। इधर, जल संस्थान चंपावत डिवीजन के ईई आरके वर्मा का कहना है कि हैंडपंप आबादी विहीन इलाके में कैसे लगा? इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही हैंडपंप की खामियों को दूर किया जाएगा।
लाल रंग का पानी पीने को मजबूर चौमेल के लोग
गर्मी के बढ़ते ही इलाके में पेयजल किल्लत बढ़ने लगी है। चौमेल क्षेत्र में लोगों को हैंडपंप से गंदा पानी मिल रहा है। यहां स्कूली बच्चों को भी हैंडपंप से निकलने वाला लाल पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्र के लोग साफ पानी को करीब 500 मीटर दूर चांचड़ी और ल्यूनघर जाने को विवश हैं। ग्रामीणों ने जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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चौमेल की करीब 500 की आबादी के लिए एक भी सरकारी पेयजल योजना नहीं बन सकी है। बाजार क्षेत्र के लोग हैंडपंपों से ही पेयजल आपूर्ति करते हैं। लोगों ने बताया कि बाजार क्षेत्र में तीन हैंडपंप लगने के बावजूद एक पंप में भी पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा है। स्टेशन बाजार, हनुमान मंदिर के पास व जीआईसी के पास लगे तीनों हैंडपंपों में से लाल पानी निकल रहा है। गंदा पानी आने की शिकायत को लेकर जल संस्थान के कार्यालय चंपावत में भी गए थे। पानी के लैब टेस्ट करवाने के बाद भी वह पीने योग्य नहीं निकला। जल संस्थान के अधिकारियों ने जल्द हैंडपंपों में आयरन फिल्टर बदलने और पाइप को बदलने का आश्वासन तो दिया लेकिन विभाग अब उनकी सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण हैंडपंपों को ठीक करने और फिल्टर बदलने का कई बार जल संस्थान से आग्रह कर चुका है। लेकिन हालात नहीं सुधर सके। ग्रामीणों ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर महेश पाठक, दीपक सिंह, अंबादत्त पाठक, संजय फर्त्याल, योगेश सिंह, हरि सिंह, महेश पंवार आदि थे। इधर, जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत ने बताया कि बाजार क्षेत्र में लगे हैंडपंप में आयरन की अधिक मात्रा है। इसे देखते हुए बीते दिनों बाराकोट बीडीसी की बैठक में नए आयरन फिल्टर के प्रस्ताव दिए गए है। जल्द बाजार क्षेत्र के हैंडपंप ठीक कर दिए जाएंगे।
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चंपावत जिले में कुल 750 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से करीब दस प्रतिशत से खामियों की वजह से पानी नहीं निकल रहा है। लोगों का कहना है कि बचे 675 हैंडपंपों में से भी कुछ ऐसे ही जिनमें हत्थे को चलाने में दिक्कतें, कम पानी निकलना, साफ पानी के बजाय लाल रंग का पानी निकलने जैसी दिक्कतें हैं। मगर इनका निराकरण नहीं किया जा सका है। पुलहिंडोला, गुमदेश, तल्लादेश सहित जिले के कई हिस्सों में हैंडपंप खराब है। इधर, जल संस्थान चंपावत डिवीजन के ईई आरके वर्मा का कहना है कि हैंडपंप आबादी विहीन इलाके में कैसे लगा? इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही हैंडपंप की खामियों को दूर किया जाएगा।
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लाल रंग का पानी पीने को मजबूर चौमेल के लोग
गर्मी के बढ़ते ही इलाके में पेयजल किल्लत बढ़ने लगी है। चौमेल क्षेत्र में लोगों को हैंडपंप से गंदा पानी मिल रहा है। यहां स्कूली बच्चों को भी हैंडपंप से निकलने वाला लाल पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्र के लोग साफ पानी को करीब 500 मीटर दूर चांचड़ी और ल्यूनघर जाने को विवश हैं। ग्रामीणों ने जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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चौमेल की करीब 500 की आबादी के लिए एक भी सरकारी पेयजल योजना नहीं बन सकी है। बाजार क्षेत्र के लोग हैंडपंपों से ही पेयजल आपूर्ति करते हैं। लोगों ने बताया कि बाजार क्षेत्र में तीन हैंडपंप लगने के बावजूद एक पंप में भी पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा है। स्टेशन बाजार, हनुमान मंदिर के पास व जीआईसी के पास लगे तीनों हैंडपंपों में से लाल पानी निकल रहा है। गंदा पानी आने की शिकायत को लेकर जल संस्थान के कार्यालय चंपावत में भी गए थे। पानी के लैब टेस्ट करवाने के बाद भी वह पीने योग्य नहीं निकला। जल संस्थान के अधिकारियों ने जल्द हैंडपंपों में आयरन फिल्टर बदलने और पाइप को बदलने का आश्वासन तो दिया लेकिन विभाग अब उनकी सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण हैंडपंपों को ठीक करने और फिल्टर बदलने का कई बार जल संस्थान से आग्रह कर चुका है। लेकिन हालात नहीं सुधर सके। ग्रामीणों ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर महेश पाठक, दीपक सिंह, अंबादत्त पाठक, संजय फर्त्याल, योगेश सिंह, हरि सिंह, महेश पंवार आदि थे। इधर, जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत ने बताया कि बाजार क्षेत्र में लगे हैंडपंप में आयरन की अधिक मात्रा है। इसे देखते हुए बीते दिनों बाराकोट बीडीसी की बैठक में नए आयरन फिल्टर के प्रस्ताव दिए गए है। जल्द बाजार क्षेत्र के हैंडपंप ठीक कर दिए जाएंगे।