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Champawat News: वनाग्नि बुझाने में मदद करने वाली ग्राम पंचायतें पुरस्कृत होंगी
Thu, 09 May 2024 10:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 09 May 2024 10:31 PM IST
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चंपावत में वनाग्नि को लेकर बैठक लेते डीएम नवनीत पांडे। संवाद
चंपावत। डीएम नवनीत पांडे ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए जिले में वनाग्नि घटनाओं को शून्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वनाग्नि की रोकथाम में वन विभाग का सहयोग करें।
डीएम ने कहा कि निजी खेतों में कोई भी व्यक्ति आग न लगाए, इसके लिए पटवारी, ग्राम पंचायत और वीडीओ ग्रामीणों को जागरूक करें। कोई भी व्यक्ति अगर आग लगाते हुए पाया जाता है तो संबंधित क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तत्काल एफआईआर दर्ज कराए। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए महिला स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त महिला मंगल दलों से भी सहायता लेने को कहा।
डीएम ने कहा कि जो ग्राम पंचायत वनाग्नि रोकथाम में बेहतर कार्य और सहयोग करेगी उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। इससे पूर्व वन विभाग की एसडीओ नेहा चौधरी ने पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि की रोकथाम के लिए जिले में किए जा रहे प्रबंधन और कार्यों की जानकारी दी। बैठक में एसपी अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, सीडीओ संजय कुमार सिंह, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम रिंकु बिष्ट और सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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लोगों को समय पर दें पेयजल वितरण के रोस्टर की जानकारी
चंपावत। डीएम ने जल संस्थान के ईई को निर्देश दिए कि वर्तमान में जिले में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जो 22 टैंकर लगाए गए हैं, उन सभी टैंकरों का पेयजल वितरण रोस्टर तैयार करते हुए आम नागरिकों को समय से अवगत कराया जाए। एसपी अजय गणपति ने कहा कि जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। संवाद
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जिले में अब तक वनाग्नि की हुईं 55 घटनाएं
चंपावत। चंपावत वन प्रभाग का कुल 1,11,860.82 हेक्टेयर में वन क्षेत्र है। अब तक जिले में वनाग्नि की 55 दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 34 आरक्षित और 21 पंचायत सिविल वन क्षेत्र हैं। डीएफओ ने बताया कि जो ग्राम सभा वनाग्नि नियंत्रण में बेहतर कार्य करेगी उसे 30 हजार की धनराशि देने का प्रावधान रखा गया है। संवाद
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रायनगर चौड़ी के ग्रामीण मिलकर करेंगे वनाग्नि की रोकथाम
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के रायनगर चौड़ी गांव में वनाग्नि सुरक्षा के प्रति ग्रामीण सजग हो गए हैं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जंगलों को बचाने के लिए हमें जागरूक रहने के साथ अन्य लोगों को भी जागरूक करना पड़ेगा। अपने तक सीमित रहकर जंगलों को नहीं बचाया जा सकता है।
देवालय मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों ने बैठक कर जंगलों के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जंगल सदियों से हमें ईंधन और अन्य चीज उपलब्ध कराते हैं। जंगल वातावरण को साफ रखने में भी अहम हैं। जंगल हमारे लिए ही नहीं बल्कि वन्यजीवों के लिए भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि जंगलों को आग से जरूर बचाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेकर वनाग्नि की रोकथाम के लिए कार्य करेंगे।
कोट
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जंगल बेहद जरूरी हैं। ग्रामीण फायर सीजन में जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। आग को बढ़ने से नहीं रूकेंगे। - जितेंद्र राय, प्रधान, रायनगर चौड़ी।
कोट
वनों में आग लगने से वन संपदा और वन्य जीवों को काफी नुकसान होता है। जिस तरह से जुर्म करने पर लोगों को सजा मिलती है, उसी तरह जंगल में आग लगाने वालों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। ऐसे में हमें प्रमुखता से जंगलों को बचाने का काम करना होगा। - दिनेश चंद्र पांडे, ग्राम पंचायत अधिकारी।
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वनाग्नि से जले आवासीय भवन के मुआवजे की मांग
चंपावत। जिले के सिप्टी न्याय पंचायत क्षेत्र की मटेला ग्राम पंचायत में वनाग्नि की चपेट में आने से एक आवासीय मकान जल कर नष्ट हो गया। हालांकि एक दिन पूर्व हुई बारिश से आग पर तो काबू पा लिया गया लेकिन आवासीय मकान में आग लगने से हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा है। प्रभावित ग्रामीण गौरीशंकर जोशी, कैलाश चंद्र, त्रिलोचन आदि ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है। संवाद
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बस्तिया के पास जंगल में लगी आग, काबू किया
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के जंगलों में आग लगने का क्रम जारी है। बुधवार की देर शाम को पिथौरागढ़ हाइवे से सटे बस्तिया के जंगल में गिरे दो पेड़ों में आग लग गई। दमकल विभाग ने आग को काबू किया। बूम वन रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि देर शाम करीब सात बजे आग लगने की सूचना मिली। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने दो पेड़ों में लगी आग को बुझाया। साथ ही आग को फैलने से रोका। आग फैलने पर जंगल के धधकने का खतरा बना हुआ था। संवाद
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डीएम ने कहा कि निजी खेतों में कोई भी व्यक्ति आग न लगाए, इसके लिए पटवारी, ग्राम पंचायत और वीडीओ ग्रामीणों को जागरूक करें। कोई भी व्यक्ति अगर आग लगाते हुए पाया जाता है तो संबंधित क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तत्काल एफआईआर दर्ज कराए। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए महिला स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त महिला मंगल दलों से भी सहायता लेने को कहा।
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डीएम ने कहा कि जो ग्राम पंचायत वनाग्नि रोकथाम में बेहतर कार्य और सहयोग करेगी उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। इससे पूर्व वन विभाग की एसडीओ नेहा चौधरी ने पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि की रोकथाम के लिए जिले में किए जा रहे प्रबंधन और कार्यों की जानकारी दी। बैठक में एसपी अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, सीडीओ संजय कुमार सिंह, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम रिंकु बिष्ट और सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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लोगों को समय पर दें पेयजल वितरण के रोस्टर की जानकारी
चंपावत। डीएम ने जल संस्थान के ईई को निर्देश दिए कि वर्तमान में जिले में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जो 22 टैंकर लगाए गए हैं, उन सभी टैंकरों का पेयजल वितरण रोस्टर तैयार करते हुए आम नागरिकों को समय से अवगत कराया जाए। एसपी अजय गणपति ने कहा कि जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। संवाद
जिले में अब तक वनाग्नि की हुईं 55 घटनाएं
चंपावत। चंपावत वन प्रभाग का कुल 1,11,860.82 हेक्टेयर में वन क्षेत्र है। अब तक जिले में वनाग्नि की 55 दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 34 आरक्षित और 21 पंचायत सिविल वन क्षेत्र हैं। डीएफओ ने बताया कि जो ग्राम सभा वनाग्नि नियंत्रण में बेहतर कार्य करेगी उसे 30 हजार की धनराशि देने का प्रावधान रखा गया है। संवाद
रायनगर चौड़ी के ग्रामीण मिलकर करेंगे वनाग्नि की रोकथाम
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के रायनगर चौड़ी गांव में वनाग्नि सुरक्षा के प्रति ग्रामीण सजग हो गए हैं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जंगलों को बचाने के लिए हमें जागरूक रहने के साथ अन्य लोगों को भी जागरूक करना पड़ेगा। अपने तक सीमित रहकर जंगलों को नहीं बचाया जा सकता है।
देवालय मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों ने बैठक कर जंगलों के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जंगल सदियों से हमें ईंधन और अन्य चीज उपलब्ध कराते हैं। जंगल वातावरण को साफ रखने में भी अहम हैं। जंगल हमारे लिए ही नहीं बल्कि वन्यजीवों के लिए भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि जंगलों को आग से जरूर बचाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेकर वनाग्नि की रोकथाम के लिए कार्य करेंगे।
कोट
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जंगल बेहद जरूरी हैं। ग्रामीण फायर सीजन में जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। आग को बढ़ने से नहीं रूकेंगे। - जितेंद्र राय, प्रधान, रायनगर चौड़ी।
कोट
वनों में आग लगने से वन संपदा और वन्य जीवों को काफी नुकसान होता है। जिस तरह से जुर्म करने पर लोगों को सजा मिलती है, उसी तरह जंगल में आग लगाने वालों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। ऐसे में हमें प्रमुखता से जंगलों को बचाने का काम करना होगा। - दिनेश चंद्र पांडे, ग्राम पंचायत अधिकारी।
वनाग्नि से जले आवासीय भवन के मुआवजे की मांग
चंपावत। जिले के सिप्टी न्याय पंचायत क्षेत्र की मटेला ग्राम पंचायत में वनाग्नि की चपेट में आने से एक आवासीय मकान जल कर नष्ट हो गया। हालांकि एक दिन पूर्व हुई बारिश से आग पर तो काबू पा लिया गया लेकिन आवासीय मकान में आग लगने से हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा है। प्रभावित ग्रामीण गौरीशंकर जोशी, कैलाश चंद्र, त्रिलोचन आदि ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है। संवाद
बस्तिया के पास जंगल में लगी आग, काबू किया
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के जंगलों में आग लगने का क्रम जारी है। बुधवार की देर शाम को पिथौरागढ़ हाइवे से सटे बस्तिया के जंगल में गिरे दो पेड़ों में आग लग गई। दमकल विभाग ने आग को काबू किया। बूम वन रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि देर शाम करीब सात बजे आग लगने की सूचना मिली। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने दो पेड़ों में लगी आग को बुझाया। साथ ही आग को फैलने से रोका। आग फैलने पर जंगल के धधकने का खतरा बना हुआ था। संवाद