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सामान रखने को तलाशा जा रहा है सरकारी भवन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:31 PM IST
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Government building is being searched for storage
दिगालीचौड़ आईटीआई का निर्माणाधीन भवन। - फोटो : CHAMPAWAT
लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र के दिगालीचौड़ का आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) नौजवानों के अरमानों पर भारी पड़ रहा है। किराये में चल रहा यह आईटीआई तो पहले से ही बंद हो चुका है, और अब यहां के सामान को भी दूसरी जगह रखने के लिए जगह की तलाश की जा रही है।
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तकनीकी ज्ञान देने के लिए 2011 में खुला दिगालीचौड़ आईटीआई 2018 से बंद है। लोहाघाट से 21 किमी दूर दिगालीचौड़ का यह संस्थान शुरू से किराये के भवन में था। संस्थान में दो ट्रेड इलेक्ट्रिशियन और फीटर मंजूर है। सितंबर 2016 में फीटर ट्रेड की पढ़ाई बंद हुई और 2018 में दूसरे ट्रेड इलेक्ट्रिशियन में भी पढ़ाई बंद। दो साल से ताले लटकने के बाद अब यहां के आईटीआई के सामान को भी हटाने की तैयारी चल रही है। दिगालीचौड़ आईटीआई के चंपावत संबद्ध लिपिक डीसी पंत का कहना है कि किराया नहीं देने के आदेश के बाद संस्थान का सामान हटाया जा रहा है। इसके लिए दिगालीचौड़ के किसी सरकारी भवन की तलाश की जा रही है।
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तीन जगह भेजे गए हैं कर्मी
दिगालीचौड़ आईटीआई के नौ कर्मियों में से सात को तीन अलग-अलग जगह संबद्ध किया गया है। एक फोरमैन व एक अनुदेशक को टनकपुर, एक सहायक स्टोर कीपर व दो शिक्षकों को खेतीखान और एक कनिष्ठ सहायक व एक चौकीदार को चंपावत संबद्ध किया गया है। इसके अलावा दो कर्मी दिगालीचौड़ में हैं।
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साढ़े चार करोड़ से बन रहा है आईटीआई भवन
दिगालीचौड़ में आईटीआई भवन का काम तो पांच साल पहले शुरू हो गया था, मगर काम अब तक भी पूरा नहीं हो सका है। दिगालीचौड़ के मानाढुंगा में आईटीआई भवन निर्माण के लिए ग्रामीणों द्वारा दी गई 51 नाली भूमि में बन रहे भवन के निर्माण में 1.93 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। 4.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन के लिए धन न मिलने से पिछले कुछ समय से काम लटका हुआ है। सरपंच नवीन जोशी का कहना है कि जल्द से जल्द भवन पूरा कर आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय यहां के ही संस्थान को बंद कर उसका सामान इधर-उधर किया जा रहा है।
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