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गीता श्लोक वाचन से बच्चों ने मोहा सभी का मन
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बनबसा में गीता श्लोक वाचन प्रस्तुत करती छात्राऐं।संवाद
- फोटो : TANAKPUR
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बनबसा (चंपावत)। गायत्री परिवार की ओर से गीता जयंती के उपलक्ष्य पर गायत्री शक्ति पीठ में स्कूली बच्चों की विभिन्न गीता ज्ञान प्रतियोगिताएं हुईं। इनमें 10 स्कूलों के 30 छात्र-छात्राओं ने गीता श्लोक वाचन, भजन, गीत, राधा-कृष्ण पर आधारित भजनों एवं डांडिया नृत्य आदि की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि एसडीएम हिमांशु कफल्टिया एवं विशिष्ट अतिथि सीओ अविनाश वर्मा ने सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत किया।
डिग्री कॉलेज, जीजीआईसी, शारदा इंटर कॉलेज, श्रीपूर्णागिरि इंटर कॉलेज, ग्लोरियस एकेडमी, शहीद उत्तम चंद विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर, टनकपुर जीआईसी, जीजीआईसी एवं विवेकानंद इंटर कॉलेज के बच्चों ने गीता से जुड़े बेहतरीन कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ग्लोरियस एकेडमी के प्रबंधक रविंद्र पांडेय ने गीता का कर्मफल बताया।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बंशीधर उपाध्याय ने संचालन किया। चंद्रशेखर जोशी, हीरा सिंह बोरा आदि ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में कैलाश थपलियाल, महेश मुरारी, कर्म सिंह खाती, जगदीश कुमार, बुद्धिबल्लभ पांडेय आदि रहे।
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वेबिनार में बताई गीता की लोकोपकारी शिक्षा
लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से राजकीय पीजी कॉलेज में बुधवार को वेबिनार आयोजित किया गया। इसका विषय था श्रीमद्भागवत गीतायां लोकोपकारि शिक्षा। मुख्य अथिति डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि भारत देश में गीता और गंगा भारत को विश्व में अनोखा बनाती है। गंगा भारत देश को और गीता का अध्ययन करके मानव को कर्म, ज्ञान से कल्याण के साथ ही मोक्ष भी मिल सकता है।
प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित प्रतियोगिता में संयोजक डॉ. कमलेश शक्टा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। शोध छात्र हरीश जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार कर विषय के उद्देश्य बताए।
मुख्य वक्ता प्रो. जयकांत सिंह शर्मा ने कहा कि गीता से कर्म, भक्ति, ज्ञान की शिक्षा मिलती है। डॉ. दामोदर परगाई ने कर्मफल बताया। सहसंयोजक डॉ. प्रकाश लखेड़ा, सदस्य डॉ. अनीता टम्टा, डॉ. भूप सिंह धामी ने सभी का स्वागत किया।
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डिग्री कॉलेज, जीजीआईसी, शारदा इंटर कॉलेज, श्रीपूर्णागिरि इंटर कॉलेज, ग्लोरियस एकेडमी, शहीद उत्तम चंद विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर, टनकपुर जीआईसी, जीजीआईसी एवं विवेकानंद इंटर कॉलेज के बच्चों ने गीता से जुड़े बेहतरीन कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ग्लोरियस एकेडमी के प्रबंधक रविंद्र पांडेय ने गीता का कर्मफल बताया।
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राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बंशीधर उपाध्याय ने संचालन किया। चंद्रशेखर जोशी, हीरा सिंह बोरा आदि ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में कैलाश थपलियाल, महेश मुरारी, कर्म सिंह खाती, जगदीश कुमार, बुद्धिबल्लभ पांडेय आदि रहे।
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वेबिनार में बताई गीता की लोकोपकारी शिक्षा
लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से राजकीय पीजी कॉलेज में बुधवार को वेबिनार आयोजित किया गया। इसका विषय था श्रीमद्भागवत गीतायां लोकोपकारि शिक्षा। मुख्य अथिति डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि भारत देश में गीता और गंगा भारत को विश्व में अनोखा बनाती है। गंगा भारत देश को और गीता का अध्ययन करके मानव को कर्म, ज्ञान से कल्याण के साथ ही मोक्ष भी मिल सकता है।
प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित प्रतियोगिता में संयोजक डॉ. कमलेश शक्टा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। शोध छात्र हरीश जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार कर विषय के उद्देश्य बताए।
मुख्य वक्ता प्रो. जयकांत सिंह शर्मा ने कहा कि गीता से कर्म, भक्ति, ज्ञान की शिक्षा मिलती है। डॉ. दामोदर परगाई ने कर्मफल बताया। सहसंयोजक डॉ. प्रकाश लखेड़ा, सदस्य डॉ. अनीता टम्टा, डॉ. भूप सिंह धामी ने सभी का स्वागत किया।