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पुराने बड़े नोट बंद करने का निर्णय ठीक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:13 PM IST
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महेंद्र लुंठी
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य सहकारिता परिषद के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह लुंठी ने कहा कि सहकारिता समितियों को मजबूत बनाने के लिए ब्लू प्रिंट बनाया जा रहा है। यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र की समितियां अभी कमजोर हाल में है। इसे आर्थिक रूप से ताकत देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
लुंठी ने कहा कि 500 और1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का फैसला ठीक है। इससे काले धन पर कुछ हद तक लगाम लग सकेगी। फिलहाल आम लोगों को हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। अस्पताल, स्कूलों के अलावा शादी-ब्याह या दूसरे जरूरी कामकाज के लिए इन पुरानी करेंसियों के इस्तेमाल करने की समय सीमा को 30 नवंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य आंदोलनकारी लुंठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मूल भावना और असल मकसद को पूरा नहीं कर पाया है। राज्य बनने के 16 साल बाद भी आम लोगों को अलग राज्य का खास लाभ नहीं मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों, अस्पतालों, रास्ते आदि के हाल बुरे हैं। वार्ता में उत्तराखंड सहकारी बैंक के सदस्य व राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट और निदेशक होशियार सिंह लुंठी मौजूद थे।
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