{"_id":"62bb46d429aef14d5f2ef277","slug":"flood-and-rain-in-champawat-champawat-news-hld467377773","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्णागिरि मार्ग दो घंटे बंद रहा, श्रद्धालुओं की राह रूकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्णागिरि मार्ग दो घंटे बंद रहा, श्रद्धालुओं की राह रूकी
विज्ञापन
टनकपुर बाटनागाढ़ नाला ऊफान में आने से दो घंटे आवागमन रहा बाधित। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत/टनकपुर/बनबसा। मानसून की पहली बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही पर असर डाला है। बारिश और मलबे से चंपावत जिले की छह सड़कें बंद हैं। मार्ग बंद होने से 20 से ज्यादा गांवों पर आंशिक रूप से असर पड़ा है।
मैदान में भारी बारिश के कारण टनकपुर-ठुलीगाड़ मार्ग पर मलबा आने से सुबह दो घंटे श्रद्धालुओं की आवाजाही थम गई। बाटनागाड़ नाले से मंगलवार सुबह छह बजे से आए मलबे ने पूर्णागिरि धाम की राह रोक दी। इस वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही ठप रही। मलबा हटने पर सुबह आठ बजे बाद फिर से आवाजाही शुरू हुई। वहीं चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद थीं। इससे गांव में आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
बनबसा में मंगलवार सुबह प्रात: आठ बजे तक 71 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। शारदा नदी का जलस्तर प्रात: आठ बजे 22754 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 19382 क्यूसेक पहुंच गया। इस वर्षा ने किसानों को राहत पहुंचाई है लेकिन दोपहर बाद क्षेत्र में उमस के कारण भीषण गर्मी होने लगी। क्षेत्र में दोपहर बाद तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स और एनएचपीसी प्रशासन ने सुरक्षा के तहत नदी तट और नदी में जाने पर रोक लगाई है।
विज्ञापन
चंपावत जिले की बंद ग्रामीण सड़कें
अमोड़ी-खटोली, खटोली-मल्ला वैला, चंतोला-सानी मंदिर, भनार-बोयल, पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, बिरगुल-गोली सड़क।
चंपावत जिले में हुई बारिश
टनकपुर-बनबसा : 71 मिलीमीटर
लोहाघाट : 2 मिलीमीटर
मकानों के लिए खतरा बन रही तहसील की टूटी दीवार
चंपावत। अतिवृष्टि से गिरी तहसील कार्यालय परिसर की दीवार की आठ माह बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। यह दीवार यहां आसपास के पांच से ज्यादा मकानों के लिए खतरा बन रही है। नवीन लाल, नंद किशोर, संजय प्रहरी, जयंती देवी आदि का कहना है कि दीवार से उनके भवनों को खतरा बना है। वार्ड सभासद रोहित बिष्ट ने मंगलवार को दीवार की मरम्मत करने की मांग की है। वहीं तहसीलदार ज्योति धपवाल का कहना है कि दीवार की मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
विज्ञापन
मैदान में भारी बारिश के कारण टनकपुर-ठुलीगाड़ मार्ग पर मलबा आने से सुबह दो घंटे श्रद्धालुओं की आवाजाही थम गई। बाटनागाड़ नाले से मंगलवार सुबह छह बजे से आए मलबे ने पूर्णागिरि धाम की राह रोक दी। इस वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही ठप रही। मलबा हटने पर सुबह आठ बजे बाद फिर से आवाजाही शुरू हुई। वहीं चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद थीं। इससे गांव में आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
बनबसा में मंगलवार सुबह प्रात: आठ बजे तक 71 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। शारदा नदी का जलस्तर प्रात: आठ बजे 22754 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 19382 क्यूसेक पहुंच गया। इस वर्षा ने किसानों को राहत पहुंचाई है लेकिन दोपहर बाद क्षेत्र में उमस के कारण भीषण गर्मी होने लगी। क्षेत्र में दोपहर बाद तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स और एनएचपीसी प्रशासन ने सुरक्षा के तहत नदी तट और नदी में जाने पर रोक लगाई है।
विज्ञापन
चंपावत जिले की बंद ग्रामीण सड़कें
अमोड़ी-खटोली, खटोली-मल्ला वैला, चंतोला-सानी मंदिर, भनार-बोयल, पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, बिरगुल-गोली सड़क।
चंपावत जिले में हुई बारिश
टनकपुर-बनबसा : 71 मिलीमीटर
लोहाघाट : 2 मिलीमीटर
मकानों के लिए खतरा बन रही तहसील की टूटी दीवार
चंपावत। अतिवृष्टि से गिरी तहसील कार्यालय परिसर की दीवार की आठ माह बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। यह दीवार यहां आसपास के पांच से ज्यादा मकानों के लिए खतरा बन रही है। नवीन लाल, नंद किशोर, संजय प्रहरी, जयंती देवी आदि का कहना है कि दीवार से उनके भवनों को खतरा बना है। वार्ड सभासद रोहित बिष्ट ने मंगलवार को दीवार की मरम्मत करने की मांग की है। वहीं तहसीलदार ज्योति धपवाल का कहना है कि दीवार की मरम्मत जल्द कराई जाएगी।