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Champawat News: दो अलग-अलग मामलों में पांच-पांच साल की सजा
Sat, 14 Sep 2024 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 14 Sep 2024 11:14 PM IST
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चंपावत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने दो मामलों में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। पहले मामले में दोषी योगेश राणा, गिरीश जोशी पर 13-13 हजार और दूसरे मामले में जगनारायण सिंह पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न चुकाने पर तीनों काे दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता की अदालत ने तीसरे अभियुक्त सतीश चंद्र गहतोड़ी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दूसरे मामले में अभियुक्त जगनारायण सिंह ने ललित परवाल के दस्तावेज में कूटरचना कर पीएनबी की पिथौरागढ़ और खटीमा शाखा में देव सिंह, नारायण सिंह के नाम से फर्जी बैंक खाते खोले। दोनों मामलों में वादी एक ही व्यक्ति है।
2013 में वादी ललित सिंह परवाल के नाम से पंजाब नेशनल बैंक की लोहाघाट शाखा में किसी व्यक्ति ने फर्जी आईडी, राशन कार्ड लगाकर खाता खोला। खाते खोलने के लिए किसी अन्य की फोटो और पारिवारिक सदस्यों की गलत ब्यौरे वाला राशनकार्ड लगाया। डीएम से शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। खाता फर्जी पाए जाने पर न्यायालय के आदेश पर सितंबर 2013 में लोहाघाट थाने में प्राथमिकी हुई। तीन लोगों को आरोपी बनाया गया। अभियुक्त योगेश राणा ने वादी ललित सिंह परवाल के दस्तावेजों में धोखे से हरीश सिंह के नाम से पीएनबी की अलग-अलग शाखाओं में तीन खाते खोले। अभियुक्त गिरीश जोशी ने उत्तर सिंह नाम से फर्जी खाते का पहचान की। वर्ष 2014 में वादी के नाम से पीएनबी शाखा लोहाघाट में किसी व्यक्ति ने उसके नाम फर्जी आईडी और फर्जी राशन कार्ड लगाकर और फर्जी रूप से गारंटर पेश कर खाता खोला। धोखाधड़ी का पता लगने के के बाद वादी ने एसपी चंपावत को जानकारी दी। कार्रवाई नहीं होंने पर वादी ने डीएम को सूचना दी। इसके बाद 2023 में मामले की जांच शुरू हुई।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता की अदालत ने तीसरे अभियुक्त सतीश चंद्र गहतोड़ी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दूसरे मामले में अभियुक्त जगनारायण सिंह ने ललित परवाल के दस्तावेज में कूटरचना कर पीएनबी की पिथौरागढ़ और खटीमा शाखा में देव सिंह, नारायण सिंह के नाम से फर्जी बैंक खाते खोले। दोनों मामलों में वादी एक ही व्यक्ति है।
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2013 में वादी ललित सिंह परवाल के नाम से पंजाब नेशनल बैंक की लोहाघाट शाखा में किसी व्यक्ति ने फर्जी आईडी, राशन कार्ड लगाकर खाता खोला। खाते खोलने के लिए किसी अन्य की फोटो और पारिवारिक सदस्यों की गलत ब्यौरे वाला राशनकार्ड लगाया। डीएम से शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। खाता फर्जी पाए जाने पर न्यायालय के आदेश पर सितंबर 2013 में लोहाघाट थाने में प्राथमिकी हुई। तीन लोगों को आरोपी बनाया गया। अभियुक्त योगेश राणा ने वादी ललित सिंह परवाल के दस्तावेजों में धोखे से हरीश सिंह के नाम से पीएनबी की अलग-अलग शाखाओं में तीन खाते खोले। अभियुक्त गिरीश जोशी ने उत्तर सिंह नाम से फर्जी खाते का पहचान की। वर्ष 2014 में वादी के नाम से पीएनबी शाखा लोहाघाट में किसी व्यक्ति ने उसके नाम फर्जी आईडी और फर्जी राशन कार्ड लगाकर और फर्जी रूप से गारंटर पेश कर खाता खोला। धोखाधड़ी का पता लगने के के बाद वादी ने एसपी चंपावत को जानकारी दी। कार्रवाई नहीं होंने पर वादी ने डीएम को सूचना दी। इसके बाद 2023 में मामले की जांच शुरू हुई।
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