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चंपावत में चार घटनाओं में पांच हेक्टेयर जंगल स्वाहा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 11:44 PM IST
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Five hectares of forest in four incidents in Champawat
पाटी क्षेत्र के जंगल में लगी आग। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जंगल की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटों में जिले में चार अलग-अलग क्षेत्रों में लगी आग में पांच हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। जंगल की आग में रविवार को तल्लादेश क्षेत्र में 11 पुश्तैनी भवन जलकर राख हो गए। इन पुराने मकानों में कोई ग्रामीण नहीं रहता था। चंपावत, पाटी, लधिया घाटी, बाराकोट क्षेत्र में वन संपदा पर मार पड़ी। वन विभाग स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास कर रहा है। रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि गौड़ी क्षेत्र में लगी आग को वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से बुझाया।
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चंपावत, पाटी, रीठा साहिब, बाराकोट क्षेत्र में जंगल की आग से बीते 24 घंटों में पांच हेक्टेयर वन संपदा प्रभावित हुई। वहीं मंच उप तहसील के पास 11 पुश्तैनी भवनों में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि पुलिस और वन विभाग द्वारा आग को काबू करने का प्रयास किया गया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग में पान सिंह, दीवान सिंह, शीशपाल सिंह, दीपक सिंह, शंकर सिंह, चंदन सिंह, मदन सिंह, राजेंद्र सिंह, चंचल सिंह, सुंदर सिंह, फतेह सिंह के पुश्तैनी भवन जलकर खाक हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि जंगल की आग की लपटों से भवन और भीतर रखी इमारती लकड़ी और सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग से कई लाख रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। प्रभारी एसओ प्रमोद सिंह, नारायण सिंह, हयात सिंह धौनी, शेर सिंह, विनोद सिंह, राहुल सिंह, बच्ची सिंह, आन सिंह, वन विभाग के मदन राम, जगदीश जोशी आदि ने बचाव में हाथ बंटाया। वहीं गूम ग्राम पंचायत के बरोला तोक में लच्छी राम की गौशाला जल गई। जोगा राम, शंकर राम, प्रकाश राम के घास के 25 लुट्टे भी जल गए।
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धुंध से परेशान लोग
चंपावत। एक तरफ जंगल जल रहे हैं, तो वहीं आग पर कमी आने के बाद आसमान धुएं से पट गया। बाराकोट ब्लॉक के पम्दा, बापरू, लधिया घाटी के रीठा साहिब, परेवा आदि हिस्सों के आसपास आसमान में धुआं छा गया। ग्रामीण मोहन जोशी, भगवान राम सहित कई लोगों का कहना है कि कई जगह नौबत इस कदर खराब है कि 30 मीटर आगे नजर नहीं आ रहा है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि धुंध से फेफड़े, दमा, सांस, त्वचा, आंख, एलर्जी आदि के खतरे बढ़ जाते हैं। असावधानी बरते जाने पर उम्रदराज लोगों में असाध्य रोग का भी खतरा है। सीएमओ का कहना है कि आंखों को बार-बार धोयें, चश्मा जरूर पहनें। इसके अलावा मास्क पहनने के साथ कपड़े को गीला कर लें।
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