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पिता की मौत या महिला के परित्यक्ता: बेटी की शादी के लिए मिलती है आर्थिक मदद, लेकिन अनाथ इस योजना से वंचित

Wed, 29 Nov 2023 12:13 PM IST
हीरा मेहरा चंद्रशेखर जोशी
चंद्रशेखर जोशी Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 29 Nov 2023 12:13 PM IST
सार

समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा और परित्यक्ता महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये देने की योजना है। लेकिन पिता-माता दोनों की मौत हो जाने पर यह मदद नहीं दी जाती है। ऐसे में इस योजना विसंगतियों का खामियाजा कई बेटियों को भुगतना पड़ रहा है।

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Financial help is available for daughter marriage in case of father death or woman abandonment in champawat
बेटियों की शादी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गरीब बेटियों की शादी में मिलने वाली सरकारी मदद नियम-कायदों के ऐसे जाल में उलझी हैं, जिससे असली हकदार को उसका हक नहीं मिल पाता। गरीब पिता की मौत या महिला के परित्यक्ता होने पर बेटी के हाथ पीले करने के लिए आर्थिक सहायता मिलती है लेकिन पिता-माता दोनों की मौत हो जाने पर यह मदद नहीं दी जाती है। ऐसे में इस योजना विसंगतियों का खामियाजा कई बेटियों को भुगतना पड़ रहा है। चंपावत के जिला समाज कल्याण विभाग ने इस योजना के शासनादेश में बदलाव के लिए निदेशालय को सुझाव भेजा है।

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समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा और परित्यक्ता महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये देने की योजना है। चंपावत जिले में 2020-21 से अब तक 388 बेटियों को इसका लाभ मिल चुका है। सामान्य जाति की विधवा पेंशन लेने वाली महिला की बेटी को तो मदद मिलती है लेकिन गरीब बेटी के माता-पिता दोनों के नहीं होने पर योजना का लाभ नहीं मिलता है। 
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7570 विधवा और परित्यक्ता महिलाएं हैं चंपावत में हैं
338 बेटियों को चार साल में मिला है योजना का लाभ


सामान्य जाति की अनाथ बेटियों के आवेदनों को निदेशालय भेजा जाता रहा लेकिन ऐसे मामलों में शासनादेश आड़े आता रहा है। मदद नहीं मिलने से अनाथ बेटियों की शादी से संबंधित आवेदन भी अब नहीं आ रहे हैं। फिर भी जिला कार्यालय से अनाथ बेटियों की शादियों लिए आर्थिक सहायता दिए जाने का सुझाव भेजा गया है। -आरएस सामंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चंपावत।

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इनके सपने कब पूरे होंगे
तल्लापाल की नेहा और तल्लादेश की कविता के माता-पिता दोनों नहीं है। ये दोनों इस लाभ से वंचित हैं।  सीएम कैंप कार्यालय के  नोडल अधिकारी केएस बृजवाल ने कहा कि इस मामले में शासन पर मंथन चल रहा है। फिर भी मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया जाएगा।

पात्रता

  • एससी-एसटी की बेटी की शादी के लिए माता-पिता दोनों के होते हुए भी योजना का लाभ मिलता है।
  • एससी-एसटी वर्ग की बेटी के माता-पिता नहीं होने पर उसका पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति को भी योजना का लाभ दिया जा सकता है।
  • सामान्य जाति में विधवा और परित्यक्ता पेंशन लेने वाली महिला की बेटी के विवाह से योजना का लाभ दिया जाता है।
  • सभी वर्गों में पात्रता के लिए अंत्योदय या बीपीएल हो अथवा मासिक आय चार हजार रुपये की आय जरूरी है।
  • सामान्य जाति में गरीब वर्ग के दोनों माता-पिता की मौत पर विवाह राशि नहीं मिलती है।
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