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Champawat News: ...आखिर सच साबित हो गई अनहोनी की आशंका
Sun, 30 Jun 2024 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 30 Jun 2024 11:37 PM IST
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चंपावत। जिले की सिप्टी न्याय पंचायत में क्वैराला नदी में बने क्वैराला ताल को लेकर बीते कुछ दिनों से अनहोनी की आशंका आखिरकार सच साबित हो गई। रविवार को ताल में नहाने गए एक 15 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। दरअसल करीब तीन माह पूर्व सोशल मीडिया के माध्यम से अस्तित्व में आए क्वैराला ताल को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखाई दी।
तब से यहां बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के आसपास के युवाओं के साथ ही पर्यटक बड़ी संख्या में ताल का दीदार करने और उसमें स्नान करने के लिए आने लगे थे। ताल की गहराई के बारे में जानकारी नहीं होने और किसी भी प्रकार के सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के बाद भी बड़ी संख्या में युवा यहां पिकनिक मनाने और तैराकी करने के लिए आ रहे थे। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से ताल के समीप दो पीआरडी जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया गया। यह पीआरडी जवान सुबह नौ बजे से सायं पांच बजे तक ताल की सुरक्षा का कार्य कर रहे थे।
इस दौरान ताल में नहाने के दौरान कई युवकों के पानी में डूबने की घटना पर इन जवानों ने उन्हें रेस्कयू किया। पीआरडी जवान उन लोगों को ताल में नहीं जाने देते थे जिन्हें तैराकी नहीं आती थी। रविवार को हुई गफलत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से एक घर का चिराग बुझ गया। क्षेत्र के पीएलवी गोविंद सिंह महर, प्रकाश जोशी शूल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने ताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की प्रशासन से मांग उठाई थी। उनका कहना है कि प्रशासन को बिना सुरक्षा व्यवस्था होने तक ताल में जाने वालों पर रोक लगानी चाहिए। संवाद
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तब से यहां बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के आसपास के युवाओं के साथ ही पर्यटक बड़ी संख्या में ताल का दीदार करने और उसमें स्नान करने के लिए आने लगे थे। ताल की गहराई के बारे में जानकारी नहीं होने और किसी भी प्रकार के सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के बाद भी बड़ी संख्या में युवा यहां पिकनिक मनाने और तैराकी करने के लिए आ रहे थे। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से ताल के समीप दो पीआरडी जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया गया। यह पीआरडी जवान सुबह नौ बजे से सायं पांच बजे तक ताल की सुरक्षा का कार्य कर रहे थे।
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इस दौरान ताल में नहाने के दौरान कई युवकों के पानी में डूबने की घटना पर इन जवानों ने उन्हें रेस्कयू किया। पीआरडी जवान उन लोगों को ताल में नहीं जाने देते थे जिन्हें तैराकी नहीं आती थी। रविवार को हुई गफलत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से एक घर का चिराग बुझ गया। क्षेत्र के पीएलवी गोविंद सिंह महर, प्रकाश जोशी शूल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने ताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की प्रशासन से मांग उठाई थी। उनका कहना है कि प्रशासन को बिना सुरक्षा व्यवस्था होने तक ताल में जाने वालों पर रोक लगानी चाहिए। संवाद
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