{"_id":"698cbc648898bea0ef0fb71c","slug":"farmers-will-be-able-to-kill-pigs-and-nilgai-that-destroy-crops-champawat-news-c-229-1-cpt1009-135455-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: फसल बर्बाद करने वाले सुअर और नीलगाय को मार सकेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: फसल बर्बाद करने वाले सुअर और नीलगाय को मार सकेंगे किसान
Wed, 11 Feb 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 11 Feb 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
चंपावत। जिले में जंगली जानवरों से अपनी फसलों को किसानों के लिए अब बचाना आसान होगा। राज्य में जंगली सुअर और नीलगाय को मारने की अनुमति दे दी है लेकिन किसान सिर्फ अपनी निजी कृषि भूमि पर ही ऐसा कर सकेंगे। राज्य सरकार ने लगातार मिल रही जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद वन विभाग को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे।
एसडीओ वन सुनील कुमार ने बताया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11 के तहत जंगली सुअर और नीलगाय के नियंत्रण के लिए विशेष अनुमति दी है। मानव जीवन और कृषि फसलों के लिए खतरा बन रहे जंगली जानवरों के नियंत्रण और मारने के लिए उप मुख्य वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्राधिकारी, वन दरोगा को आवश्यक कार्रवाई के अधिकार दिए हैं। कार्रवाई केवल वन क्षेत्र से बाहर निजी कृषि भूमि पर ही की जाएगी।
आवेदन करना होगा जरूरी
एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति को निकटतम अधिकृत अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। आवेदन पर संबंधित ग्राम प्रधान की संस्तुति अनिवार्य होगी। जारी अनुमति पत्र आदेश निर्गत होने की तिथि से एक माह तक मान्य रहेगा। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अनुमति दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीओ वन सुनील कुमार ने बताया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11 के तहत जंगली सुअर और नीलगाय के नियंत्रण के लिए विशेष अनुमति दी है। मानव जीवन और कृषि फसलों के लिए खतरा बन रहे जंगली जानवरों के नियंत्रण और मारने के लिए उप मुख्य वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्राधिकारी, वन दरोगा को आवश्यक कार्रवाई के अधिकार दिए हैं। कार्रवाई केवल वन क्षेत्र से बाहर निजी कृषि भूमि पर ही की जाएगी।
विज्ञापन
आवेदन करना होगा जरूरी
एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति को निकटतम अधिकृत अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। आवेदन पर संबंधित ग्राम प्रधान की संस्तुति अनिवार्य होगी। जारी अनुमति पत्र आदेश निर्गत होने की तिथि से एक माह तक मान्य रहेगा। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अनुमति दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विज्ञापन