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वनरावतों में भी होली की उमंग
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 23 Mar 2016 09:50 PM IST
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होली की उमंग
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत/श्रीरीठा साहिब। आदिम जाति वनरावतों के गांव खिरद्वारी में भी होली के रंग खूब बिखरे। 101 साल के दान सिंह रजवाड़ ने ढोल बजाकर होली की अगुवाई की। होली यहां से करीब 3 किलोमीटर दूर गंगसीर में ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी के घर तक पहुंची। यहां खड़ी होली का आगाज प्रकाश सिंह ने मेरे रघुवर आज रहो प्यारे, अंखियन के तुम हो तारे से की। नहिं श्याम बिन कछु भाता है, मोहे श्याम बिना कछु नहिं भाता है, सहित तमाम होली गीत हुए।
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गायन में प्रेम सिंह, गोविंद सिंह, ज्ञान सिंह, प्रकाश रजवाड़ आदि वनरावत शामिल थे। वहीं श्रीरीठा साहिब में गजेंद्र परवाल, दर्शन राम, हयात राम आदि ने होली के रंग बिखेरे। मत मारो मोहन पिचकारी, अरज करत हूं पंय्या पड़त हूं, मैं परघर की हूं नारी, आदि होली गीत गाए गए।
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