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कोरोना काल में भी चंपावत में इलाज के नाम पर दर्द ज्यादा दवा कम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 10:53 PM IST
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Even in the corona period, more pain in the name of treatment is less
टनकपुर में निर्माणाधीन आईसीयू कक्ष। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले की स्वास्थ्य सेवाएं न कोरोना से पहले कायदे की थी और न ही कोरोना काल में इसमें कोई खास सुधार हो सका। जिले में चिकित्सा सेवाएं दवा से ज्यादा मरीजों को दर्द दे रही हैं। जिला अस्पताल, लोहाघाट उप जिला अस्पताल और टनकपुर संयुक्त अस्पताल में कुल 14 वेंटिलेटर मिलने के बावजूद उपयोग लायक एक भी नहीं है। जिले में कहीं भी गायनाकोलॉजिस्ट नहीं होने से गर्भवती महिलाएं और सामान्य महिला मरीजों को परेशानी हो रही है। बीते तीन महीनों में जिले के विभिन्न अस्पतालों से महिलाओं से संबंधित 105 मामले उच्च केंद्रों में रेफर हो चुके हैं।
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टनकपुर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से तीन साल से अल्ट्रासाउंड कक्ष और दो साल से एक्सरे कक्ष में ताले लटके हैं। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि टनकपुर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने की दिसंबर से व्यवस्था बनाई जा रही है। 2.75 लाख की आबादी वाले जिले में डॉक्टरों के सृजित 107 पदों में से 48 खाली है। टांण अस्पताल छह साल से डॉक्टर के बगैर चल रहा है। ह्दयरोग विशेषज्ञ, गायनाकोलॉजिस्ट जिले में कहीं भी नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के हिसाब से प्रति एक हजार एक डॉक्टर होना चाहिए, लेकिन जिले में ये आंकड़ा एक हजार के बजाय 6500 लोगों का है।
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प्रतिदिन 335 मरीज कम हुए
चंपावत। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में औसतन प्रतिदिन 365 लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि कोरोनो से पहले इन अस्पतालों में करीब पांच सौ से अधिक लोग इलाज के लिए आते थे। डॉक्टरों के अनुसार कोरोनो पहले की अपेक्षा अब प्रतिदिन 335 मरीज कम पहुंच रहे हैं। ब्यूरो
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चंपावत में सिर्फ सरकारी अस्पतालों में हो रही कोरोना परीक्षण
चंपावत। चंपावत जिले में निजी अस्पतालों में कोरोना परीक्षण नहीं हो रहा है। जांच की सरकारी स्तर पर निशुल्क सुविधा है। डॉ. मनीष बिष्ट ने बताया कि चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर के अस्पतालों के अलावा नेपाल सीमा से लगे बनबसा, ऊधमसिंह नगर जिले से लगे जगबुड़ा सीमा और एनएच पर स्थित चंपावत कोतवाली क्षेत्र में परीक्षण हो रहा है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पताल में सिर्फ एक संक्रमित है। जबकि 103 लोग होम आइसोलेशन में है। अब तक 59577 लोगों का कोरोना परीक्षण हो चुका है। इसमें 58919 की रिपोर्ट आ चुकी है। 658 जांच आना बाकी है। अब तक कुल 1297 संक्रमित आए। और सात लोगों की मौत हो चुकी है।

चंपावत में कोरोना परीक्षण करते डॉ. मनीष बिष्ट।

चंपावत में कोरोना परीक्षण करते डॉ. मनीष बिष्ट।- फोटो : CHAMPAWAT

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