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भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे अतिक्रमण ने पसारे पैर
Tue, 08 Jan 2019 10:17 PM IST
kamlesh kamlesh
बनबसा (चंपावत)।
बनबसा (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 08 Jan 2019 10:17 PM IST
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बनबसा में भारत नेपाल अंतराष्ट्रीय मार्ग किनारे होता अतिक्रमण।
- फोटो : अमर उजाला
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बनबसा में भारत से नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग के किनारे फिर से अतिक्रमण ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने सड़क किनारे का अतिक्रमण हटा दिया था लेकिन फिर से सड़क किनारे अतिक्रमण कर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित होने लगी हैं।
बनबसा से नेपाल को पहुंचाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मार्ग किनारे मीना बाजार फारेस्ट चौकी के निकट सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण कर व्यवसायी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जहां-तहां से आए लोगों की ओर से सड़क किनारे विभिन्न प्रकार के प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं।
गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद का कहना है कि सरकारी जमीनों और सड़कों के किनारे अतिक्रमण पर रोक लगाई जानी चाहिए। कहा कि कई बार सड़क किनारे के अतिक्रमण दुर्घटना का कारण बनते हैं। बता दें कि मीना बाजार क्षेत्र में ही सड़क किनारे दक्षिणी छोर पर बस अड्डा, पुलिस विभाग, खुफिया विभागों के कार्यालयों और आवासीय भवनों के लिए भूमि चयनित की गई है।
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अतिक्रमण चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे एक ओर यूपी सिंचाई विभाग और दूसरी ओर उत्तराखंड वन विभाग की भूमि है, जिस पर अतिक्रमण किया जाना गैर कानूनी है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित करने का कार्य चल रहा है।
-बृजेश मौर्य, एसडीओ-शारदा हेडवर्क्स, बनबसा।
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बनबसा से नेपाल को पहुंचाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मार्ग किनारे मीना बाजार फारेस्ट चौकी के निकट सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण कर व्यवसायी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जहां-तहां से आए लोगों की ओर से सड़क किनारे विभिन्न प्रकार के प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं।
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गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद का कहना है कि सरकारी जमीनों और सड़कों के किनारे अतिक्रमण पर रोक लगाई जानी चाहिए। कहा कि कई बार सड़क किनारे के अतिक्रमण दुर्घटना का कारण बनते हैं। बता दें कि मीना बाजार क्षेत्र में ही सड़क किनारे दक्षिणी छोर पर बस अड्डा, पुलिस विभाग, खुफिया विभागों के कार्यालयों और आवासीय भवनों के लिए भूमि चयनित की गई है।
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अतिक्रमण चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे एक ओर यूपी सिंचाई विभाग और दूसरी ओर उत्तराखंड वन विभाग की भूमि है, जिस पर अतिक्रमण किया जाना गैर कानूनी है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित करने का कार्य चल रहा है।
-बृजेश मौर्य, एसडीओ-शारदा हेडवर्क्स, बनबसा।